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Bhadohi News: पशु सेवा केंद्र पर ताला, मायूस होकर लौट रहे पशुपालक
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जिले के गांवों में पशुपालकों की सहूलियत के लिए बनाए गए पशु सेवा केन्द्रों पर ताला लटका हुआ है। विभाग की ओर से सेवा केन्द्रों पर पशु पशुधन प्रसार अधिकारी की तैनाती की गई है। जिम्मेदार ड्यूटी नहीं निभा रहे हैं। इससे केंद्रों से पशुपालकों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
जिले के ज्ञानपुर, भदोही, औराई, डीघ, जंगीगंज, बिंद नगर, दुर्गागंज, सुरियावां, दरहुआ में 11 पशु अस्पताल संचालित हैं। इसके अलावा भिदिऊरा, गोपीगंज, कटरा, अभोली, असनाव, महराजगंज में 9 पशु सेवा केंद्र बनाए गए हैं। पशुपालकों की सहूलियत के लिए खोले गए इन केन्द्रों पर पशुधन प्रसार अधिकारी की तैनाती की गई है, लेकिन विडंबना है कि जिले के ज्यादातार पशु सेवा केन्द्रों पर ताला लटका रहता है। मंगलवार को अमर उजाला ने केन्द्रों की पड़ताल की तो पशु सेवा केन्द्रों की सच्चाई सामने आई। कई सेंटरों पर पशुधन प्रसार अधिकारी नहीं मिले तो वहीं कई जगहों पर सेंटर पर ताला लटके हुए थे। ज्ञानपुर के भिडिऊरा पशु सेवा केंद्र को लेकर लोगों ने बताया कि यह ऐसा केन्द्र हैं। जहां हमेशा ताला ही लटका रहता है। इसको लेकर ग्रामीणों ने शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन अब तक केन्द्र का ताला नहीं खुल सका। स्थानीय लोगों को यह भी नहीं पहता कि यहां तैनात पशुधन प्रसार अधिकारी कौन हैं। सेंटर पर चारों तरफ गंदगी का अंबार दिखा। यहीं हाल असनाव, अभोली और कटरा जैसे पशु सेवा केन्द्रों पर देखने को मिली। लोगों का कहना था कि केन्द्र पर कभी कभार चिकित्सक आते भी हैं, लेकिन पास के एक दुकान पर बैठ कर कोरमपूर्ति कर चले जाते हैं।
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वर्जन
पशु सेवा केन्द्रों का उद्देश्य गांव में ही गोवंशों का उपचार देने का है। वहां पशुधन प्रसार अधिकारी की तैनाती भी की गई है। अगर सेंटरों पर ताला लटक रहा है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाह लोगों पर कार्रवाई होगी। - डॉ. राजेश उपाध्याय, प्रभारी सीवीओ।
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जिले के ज्ञानपुर, भदोही, औराई, डीघ, जंगीगंज, बिंद नगर, दुर्गागंज, सुरियावां, दरहुआ में 11 पशु अस्पताल संचालित हैं। इसके अलावा भिदिऊरा, गोपीगंज, कटरा, अभोली, असनाव, महराजगंज में 9 पशु सेवा केंद्र बनाए गए हैं। पशुपालकों की सहूलियत के लिए खोले गए इन केन्द्रों पर पशुधन प्रसार अधिकारी की तैनाती की गई है, लेकिन विडंबना है कि जिले के ज्यादातार पशु सेवा केन्द्रों पर ताला लटका रहता है। मंगलवार को अमर उजाला ने केन्द्रों की पड़ताल की तो पशु सेवा केन्द्रों की सच्चाई सामने आई। कई सेंटरों पर पशुधन प्रसार अधिकारी नहीं मिले तो वहीं कई जगहों पर सेंटर पर ताला लटके हुए थे। ज्ञानपुर के भिडिऊरा पशु सेवा केंद्र को लेकर लोगों ने बताया कि यह ऐसा केन्द्र हैं। जहां हमेशा ताला ही लटका रहता है। इसको लेकर ग्रामीणों ने शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन अब तक केन्द्र का ताला नहीं खुल सका। स्थानीय लोगों को यह भी नहीं पहता कि यहां तैनात पशुधन प्रसार अधिकारी कौन हैं। सेंटर पर चारों तरफ गंदगी का अंबार दिखा। यहीं हाल असनाव, अभोली और कटरा जैसे पशु सेवा केन्द्रों पर देखने को मिली। लोगों का कहना था कि केन्द्र पर कभी कभार चिकित्सक आते भी हैं, लेकिन पास के एक दुकान पर बैठ कर कोरमपूर्ति कर चले जाते हैं।
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पशु सेवा केन्द्रों का उद्देश्य गांव में ही गोवंशों का उपचार देने का है। वहां पशुधन प्रसार अधिकारी की तैनाती भी की गई है। अगर सेंटरों पर ताला लटक रहा है तो यह गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाह लोगों पर कार्रवाई होगी। - डॉ. राजेश उपाध्याय, प्रभारी सीवीओ।