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Bhadohi News: कृषि विशेषज्ञ बोले गेहूं की सिंचाई को कुछ दिनों के लिए रोक दें, बारिश होगी तो होगा नुकसान
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देश के उत्तर व पूर्वी हिस्से में अचानक हुए मौसम में बदलाव का असर जनपद में भी देखा जाएगा। आगामी 16 और 17 मार्च को बादलों की आवाजाही के साथ ही बूंदाबादी के आसार भी बन रहे हैं। मौसम विभाग ने जिले में दो दिनों तक बारिश का अंदेशा व्यक्त किया है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने के साथ-साथ कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की नसीहत दी है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं की सिंचाई को कुछ दिनों के लिए रोक दें। बेमौसम बारिश होगी तो इससे नुकसान हो सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि आगामी दिनों में 16 मार्च से उत्तर व पूर्वी भारत के मौसम में कुछ बदलाव देखा जाएगा। जिससे उत्तर भारत के वातावरण में उत्तर पूर्वी राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसका प्रभाव कुछ हद तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में भी पड़ सकता है। ऐसे में 16 व 17 मार्च को जनपद में हल्की बारिश हो सकती है। ऐसे मौसम में किसानों काे सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। मौसम को ध्यान रखते हुए किसान खेती के काम निपटा लें। कटी हुई सरसों की फसल का मड़ाई कर उसे अनाज अंदर रख ले। जरा सी लापरवाही बरतने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। बताया कि पिछले साल मार्च में ही बिन बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल चौपट हो गई थी। जिससे किसानों को बहुत नुकसान हुआ था। कहा कि अगर तेज हवा संग बारिश हुई तो किसानों को काफी नुकसान हो सकता है।
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कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि आगामी दिनों में 16 मार्च से उत्तर व पूर्वी भारत के मौसम में कुछ बदलाव देखा जाएगा। जिससे उत्तर भारत के वातावरण में उत्तर पूर्वी राज्यों पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है। इसका प्रभाव कुछ हद तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों में भी पड़ सकता है। ऐसे में 16 व 17 मार्च को जनपद में हल्की बारिश हो सकती है। ऐसे मौसम में किसानों काे सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। मौसम को ध्यान रखते हुए किसान खेती के काम निपटा लें। कटी हुई सरसों की फसल का मड़ाई कर उसे अनाज अंदर रख ले। जरा सी लापरवाही बरतने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। बताया कि पिछले साल मार्च में ही बिन बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल चौपट हो गई थी। जिससे किसानों को बहुत नुकसान हुआ था। कहा कि अगर तेज हवा संग बारिश हुई तो किसानों को काफी नुकसान हो सकता है।
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