स्थान: कंपोजिट विद्यालय बारीपुर। समय: सुबह आठ बजे। शिक्षक और शिक्षिकाओं के हाथ में चंदन और फूलों से सजी थाली। किसी नेता या अधिकारी की अगवानी नहीं बल्कि साढ़े चार माह बाद स्कूल आ रहे नौनिहालों की। पांचवीं तक स्कूल खुला तो सभी बच्चों का टीका लगाकर स्वागत किया गया। यह तो एक बानगी थी। प्राथमिक विद्यालय ज्ञानपुर, गिरधरपुर सहित अधिकतर स्कूलों की कमोबेश यही स्थिति रही। कोरोना के कारण गुजरे डेढ़ साल से प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा प्रभावित हो रही है। पहली लहर में करीब 11 माह तो कोरोना की दूसरी लहर में साढ़े चार माह तक स्कूल बंद रहे। ऑनलाइन और मोहल्ला कलास से बच्चों का पठन-पाठन हुआ। जिससे एक लाख से अधिक बच्चे पढ़ने से वंचित रह गए। कोरोना की स्थिति सामान्य होने पर गत शुक्रवार को छठवीं से आठवीं तो बुधवार को पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं शुरू हो गई। पहले दिन स्कूल पहुंचे बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। प्राथमिक विद्यालय भिदिउरा, प्राथमिक विद्यालय छनौरा समेत अधिकतर विद्यालयों में बच्चे पहले दिन उत्साह से पढ़ाई की। इस दौरान वह मस्ती भी किए। महीनों बाद स्कूल में मध्याह्न भोजन का स्वाद भी लिया। औराई संवाददाता के अनुसार, कंपोजिट विद्यालय बारीगांव में प्रधानाध्यापक राम कृपाल बिंद सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों का स्वागत किया। बच्चों की इस उत्सुकता को देख मौजूद शिक्षकों ने बच्चों से प्यार-दुलार किया। कोरोना नियमों के तहत हर क्लास में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराकर पढ़ाई शुरू की गई। बच्चों की उपस्थिति से एक बार फिर स्कूल गुलजार हो गए। इस मौके पर शिव कुमारी दूबे, प्रीति पांडेय, सबिना बानो, साकंबरी, रमेश चंद्र, नीलम, विनय, विकास, प्रीति मिश्रा, सविता, रीता, संदीप, पूजा गौतम, विनोद, भूपेंद्र, स्मिता वर्मा, विश्वनाथ सिंह, स्नेहलता, प्रभात कुमार आदि रहे।