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वेबसाइट पर कार्ययोजना अपलोड नहीं करने पर प्रशासकों, सेक्रेटरी पर गिरी गाज
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ज्ञानपुर। गांव के विकास की रूपरेखा तैयार करने में प्रशासक संग ग्राम पंचायत अधिकारी उदासीन हैं। 31 जनवरी तक कार्ययोजना को ई-स्वराज वेबसाइट पर अपलोड करना था, लेकिन अब तक 546 में महज 32 गांव ही प्रस्तावित कार्य भेज सके हैं। प्रमुख सचिव के कड़ेे रुख को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने छह प्रशासक संग सभी 103 सेक्रेटरी और वीडीओ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया।
गांव के विकास से ही देश आगे बढ़ता है। इसको लेकर आजादी के बाद से ही सरकारों की ओर से प्राथमिकता में गांव का विकास ही रहता है। गांवों में खड़ंजा, नाली, हैंडपंप रिबोर, मनरेगा, शौचालय, आवास समेत अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके लिए प्रधान, सदस्य और ग्रामीणों संग खुली बैठक कराकर प्रस्ताव तैयार कर विभाग के पास भेजा जाता है। उसी प्रस्ताव के आधार पर संबंधित ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त से वित्तीय वर्ष में बजट की स्वीकृति मिलती है। 25 दिसंबर को प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया। शासन के निर्देश पर पंचायत राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 31 जनवरी तक प्रस्तावित काम की कार्ययोजना तैयार कर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश जिले के छह प्रशासकों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को दिया था, लेकिन 30 जनवरी तक मात्र 32 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अपलोड की गई और 514 अवशेष रहीं। शनिवार को विकास भवन में बीडीओ की बैठक में प्रगति खराब देख सीडीओ भानु प्रताप सिंह नाराज हो गए।
उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासकों, वीडीओ और सेक्रेटरी का जनवरी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। डीडीओ और डीपीआरओ को निर्देश दिया कि कार्ययोजना पूर्ण होने तक वेतन बहाल न किया जाए। बताते चलें कि जिले की 561 ग्राम पंचायतों में से 15 भदोही नगर पालिका में शामिल हो गईं हैं। इससे जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या अब 546 रह गई है।
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गांव के विकास से ही देश आगे बढ़ता है। इसको लेकर आजादी के बाद से ही सरकारों की ओर से प्राथमिकता में गांव का विकास ही रहता है। गांवों में खड़ंजा, नाली, हैंडपंप रिबोर, मनरेगा, शौचालय, आवास समेत अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके लिए प्रधान, सदस्य और ग्रामीणों संग खुली बैठक कराकर प्रस्ताव तैयार कर विभाग के पास भेजा जाता है। उसी प्रस्ताव के आधार पर संबंधित ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त से वित्तीय वर्ष में बजट की स्वीकृति मिलती है। 25 दिसंबर को प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया। शासन के निर्देश पर पंचायत राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 31 जनवरी तक प्रस्तावित काम की कार्ययोजना तैयार कर विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश जिले के छह प्रशासकों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को दिया था, लेकिन 30 जनवरी तक मात्र 32 ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अपलोड की गई और 514 अवशेष रहीं। शनिवार को विकास भवन में बीडीओ की बैठक में प्रगति खराब देख सीडीओ भानु प्रताप सिंह नाराज हो गए।
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उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासकों, वीडीओ और सेक्रेटरी का जनवरी का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। डीडीओ और डीपीआरओ को निर्देश दिया कि कार्ययोजना पूर्ण होने तक वेतन बहाल न किया जाए। बताते चलें कि जिले की 561 ग्राम पंचायतों में से 15 भदोही नगर पालिका में शामिल हो गईं हैं। इससे जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या अब 546 रह गई है।
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