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स्वास्थ्य विभाग में कार्रवाई की फाइल गायब
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पंचायत राज विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइल गायब होने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि स्वास्थ्य विभाग में फाइल गुम होने का मामला सामने आ गया है। दो साल पूर्व औराई सीएचसी के बीपीएम के खिलाफ कार्रवाई की फाइल नहीं मिल रही है। इस मामले में सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने तीन दिन में फाइल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश भी दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को लेकर काफी सख्त हैं, लेकिन जिले के सरकारी महकमों में मिलीभगत के कारण भ्रष्टाचार अंकुश नहीं लग पा रहा है। दरअसल, अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने 12 अगस्त को जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत दो साल पूर्व औराई सीएचसी के बीपीएम राजेश यादव के खिलाफ जांच और कार्रवाई से जुड़ी सूचना मांगी थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं में धांधली आदि का जिक्र भी किया। चिकित्सा अधीक्षक की ओर से जवाब दिया गया कि ऐसी सूचना नहीं है। विभाग में ऐसी कोई फाइल नहीं है। सूत्रों का कहना है कि विभागीय तालमेल से इस मामले से जुड़ी फाइल ही गायब करा दी गई। नए सीएमओ डॉ. संतोष चक ने प्रकरण को संज्ञान में लिया। उन्होंने बीपीएम से जुड़ी फाइलों को तीन दिन के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि तय समय में फाइल न मिलने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को लेकर काफी सख्त हैं, लेकिन जिले के सरकारी महकमों में मिलीभगत के कारण भ्रष्टाचार अंकुश नहीं लग पा रहा है। दरअसल, अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने 12 अगस्त को जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत दो साल पूर्व औराई सीएचसी के बीपीएम राजेश यादव के खिलाफ जांच और कार्रवाई से जुड़ी सूचना मांगी थी। जिसमें स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण योजनाओं में धांधली आदि का जिक्र भी किया। चिकित्सा अधीक्षक की ओर से जवाब दिया गया कि ऐसी सूचना नहीं है। विभाग में ऐसी कोई फाइल नहीं है। सूत्रों का कहना है कि विभागीय तालमेल से इस मामले से जुड़ी फाइल ही गायब करा दी गई। नए सीएमओ डॉ. संतोष चक ने प्रकरण को संज्ञान में लिया। उन्होंने बीपीएम से जुड़ी फाइलों को तीन दिन के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। चेतावनी दी कि तय समय में फाइल न मिलने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।
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