UP News : किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा, जुर्माना भी लगाया; सपा विधायक के बेटे की याचिका खारिज
Bhadohi News: भदोही के जिला अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल की सजा सुनाई। वहीं, नाबालिग नौकरानी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में सपा विधायक के बेटे जईम बेग को राहत नहीं मिली।
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विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) प्रथम की अदालत ने गुरुवार को नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 54 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने अप्रैल 2023 के मामले में सजा सुनाई।
भदोही कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 20 अप्रैल, 2023 को कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि चित्रकूट के मऊ थाना क्षेत्र के निजामपुर मोहिनी निवासी सुनील गौतम उसकी 15 साल की बेटी को बहला फुसला कर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज विवेचना शुरू की। विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) प्रथम की अदालत ने दोषी सुनील गौतम को किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म का दोषी पाया। कोर्ट ने दोषी को 20 साल की कैद और 54 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड की राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।
सपा विधायक के बेटे की जमानत याचिका खारिज
नाबालिग नौकरानी को आत्महत्या के लिए उकसाने और बालश्रम के मुकदमे में जेल में बंद सपा विधायक जाहिद बेग के बेटे जईम बेग को राहत नहीं मिली। बुधवार को एमपीएमएलए कोर्ट सुबोध सिंह की अदालत ने जमानत याचिका को खारिज का दिया। सोमवार और मंगलवार को पुलिस की रिपोर्ट आख्या न लगाने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई थी।
करीब एक महीने पूर्व भदोही नगर स्थित सपा विधायक के आवास पर नाबालिग नौकरानी ने आत्महत्या की थी। डीएम के निर्देश पर जांच अधिकारी घर पर पहुंचे तो एक नाबालिग नौकरानी और बरामद हुई थी। जिसके बाद सपा विधायक जाहिद बेग, पत्नी सीमा बेग और बेटे जईम बेग के खिलाफ बाल श्रम और किशोरी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया।
उसी दौरान जईम बेग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। विधायक ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जबकि पत्नी सीमा बेग अब भी फरार हैं। विधायक के बेटे ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। बुधवार को कोर्ट ने सुनवाई किया।
एडीजीसी विनय कुमार बिंद ने बताया कि कोर्ट ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं बाल श्रम अधिनियम को गंभीर माना। जिसके आधार पर जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया। 19 अक्तूबर को एमपीएमएलए साधना गिरी की अदालत में विधायक एवं उनके बेटे को तलब किया गया है।