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Bhadohi News: 95 फीसदी ई-रिक्शा व ऑटो पर नहीं लिखा है चालक का नाम और मोबाइल नंबर

Wed, 23 Jul 2025 11:41 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:41 PM IST
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95% of e-rickshaws and autos do not have the driver's name and mobile number written on them
ज्ञानपुर। जनपद में 95 फीसदी ई-रिक्शा और ऑटो पर चालक का नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर नहीं लिखा है। 70 फीसदी ई-रिक्शा का सत्यापन हो चुका है। परिहवन विभाग का दावा है कि सभी ई-रिक्शा के पंजीकरण हो चुके हैं। जबकि हकीकत यह है कि अब भी कई ऐसे ई-रिक्शा हैं, जो बिना पंजीकरण के सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। कई बार नाबालिग व अप्रशिक्षित चालकों की मनमानी से बड़ी दुर्घटना भी हो जाती है। बुधवार को अमर उजाला ने जनपद के कई क्षेत्रों में पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
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परिहवन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में 1982 ई-रिक्शा और 200 ऑटो संचालित हो रहे हैं। हकीकत में ई-रिक्शा की संख्या 25 सौ के आसपास हैं। वहीं, ऑटो की संख्या भी 300 के करीब है। प्रदेश सरकार ने ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी और कैब ड्राइवरों को वाहन पर नाम, आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर लिखने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश बिना पंजीकरण के चल रहे ऑटो और ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाने व सुरक्षा की दृष्टि से दिया गया है।
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30 फीसदी ई-रिक्शा का नहीं हुआ सत्यापन
बीते अप्रैल महीने में ई-रिक्शा के सत्यापन का काम यातायात और परिवहन विभाग की टीम ने चलाया था। करीब 70 फीसदी सत्यापन का काम तो पूरा हो गया है। अब भी 30 फीसदी सत्यापन का काम शेष है। यातायात विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शेष बचे ई-रिक्शा का सत्यापन जल्द पूरा करा लिया जाएगा।
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सड़कों पर कर लेते हैं कब्जा, जाम के भी हैं मुख्य कारण
जनपद के लगभग सभी सड़कों पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी है। न तो इनका कोई स्थायी स्टैंड, न ही कोई रूट निर्धारित है। प्रशासन की ओर से कई बार रूट कोडिंग और रंग-पट्टी योजना चलाई गई, लेकिन अफसरों की लापरवाही से योजनाएं सिर्फ कागजों तक सिमटकर रह गईं। इसका नतीजा है कि शहर के सभी चौराहों पर जाम लगता है और जनता परेशान होती है।
अप्रैल में ई-रिक्शा के खिलाफ चला था अभियान
बीते अप्रैल महीने में ई-रिक्शा के सत्यापन के दौरान यातायात विभाग ने आठ से अधिक ई-रिक्शा एजेंसी संचालकों को नोटिस भेजकर चेताया था कि ई-रिक्शा का विक्रय बिना रजिस्ट्रेशन किसी भी हाल में न किया जाए। अभियान के दौरान यातायात विभाग ने 30 ई-रिक्शा को सीज किया था।

वर्जन
यातायात विभाग की टीम इन दिनों कांवड़ यात्रा को संपन्न कराने में जुटी है। कहीं भी कांवड़ियों और आम लोगों को परेशानी न हो। इसका ध्यान रखा जा रहा है। इससे ई-रिक्शा सत्यापन का काम नहीं रहा है। सावन बाद फिर से अभियान चलाया जाएगा। - राजीव सिंह, सीओ यातायात।
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