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हत्या में चार को आजीवन कारावास
Updated Sat, 30 Jun 2018 12:44 AM IST
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने हत्या के चार दोषियों को आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोइरौना थाने के शेरपुर गांव में दो दशक पूर्व हुई इस घटना में शुक्रवार को फैसला आया।
कोइरौना थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव निवासी श्रीकांत दूबे ने तहरीर में आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी और बच्चे गांव में रहते हैं और वह स्वयं कोलकाता में रहते हैं। उनका लड़का प्रदीप धनतुलसी इंटर कॉलेज में पढ़ता था। उससे गांव के राजनाथ से किसी बात को लेकर गाली गलौज हुई थी। राजनाथ ने उसके पुत्र प्रदीप को दो दिन में मजा चखाने की धमकी दी थी। एक दिसंबर 1996 को दोपहर 12 बजे प्रदीप को गुलाबधर यह कहकर अपने साथ लिवा गया कि तुम्हारी भैंस छुड़ाकर जा रही है। पंपिंग सेट के समीप है, उसे बांध लो। जब प्रदीप पंपिंग सेट के पास गया तो उसे मारकर रस्सी से बांधकर कुएं में फेंक दिया। इसके बाद हल्ला किया गया कि वह कुएं में गिर गया। बाद में वही लोगों ने उसके बेटे के शव को निकालकर गंगा में बहा दिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। जिसको न्यायालय ने निरस्त कर दिया। न्यायालय में दोनों पक्षों के गवाहों के बयान सुनने के बाद न्यायाधीश संजय कुमार डे की अदालत ने गुलाबधर, जटाशंकर, राजनाथ और रामकृष्ण निवासी शेरपुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता विकास नारायण सिंह और विजयनाथ पांडेय ने की।
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कोइरौना थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव निवासी श्रीकांत दूबे ने तहरीर में आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी और बच्चे गांव में रहते हैं और वह स्वयं कोलकाता में रहते हैं। उनका लड़का प्रदीप धनतुलसी इंटर कॉलेज में पढ़ता था। उससे गांव के राजनाथ से किसी बात को लेकर गाली गलौज हुई थी। राजनाथ ने उसके पुत्र प्रदीप को दो दिन में मजा चखाने की धमकी दी थी। एक दिसंबर 1996 को दोपहर 12 बजे प्रदीप को गुलाबधर यह कहकर अपने साथ लिवा गया कि तुम्हारी भैंस छुड़ाकर जा रही है। पंपिंग सेट के समीप है, उसे बांध लो। जब प्रदीप पंपिंग सेट के पास गया तो उसे मारकर रस्सी से बांधकर कुएं में फेंक दिया। इसके बाद हल्ला किया गया कि वह कुएं में गिर गया। बाद में वही लोगों ने उसके बेटे के शव को निकालकर गंगा में बहा दिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। जिसको न्यायालय ने निरस्त कर दिया। न्यायालय में दोनों पक्षों के गवाहों के बयान सुनने के बाद न्यायाधीश संजय कुमार डे की अदालत ने गुलाबधर, जटाशंकर, राजनाथ और रामकृष्ण निवासी शेरपुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता विकास नारायण सिंह और विजयनाथ पांडेय ने की।
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