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अपहरण में तीन को 10 वर्ष सश्रम कारावास
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ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम की अदालत ने अपहरण के दोषियों को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार गोपीगंज थानाक्षेत्र के कोइलरा गांव निवासी जड़ावती देवी पत्नी अमरनाथ गौड़ ने आरोप लगाया था कि 17 जून 2005 को सुबह 11 बजे गांव के रामआसरे गौड़, महेंद्र गौड़ और बंगाली गौड़ उसके घर आकर उसके बेटे हरिगेन गौड़ को मुंबई में नौकरी दिलाने के लिए लिवा गए। कुछ दिनों बाद फोन किया तो सभी ने कहा कि दो जुलाई 2005 को उसके बेटे को ट्रेन पर बिठा दिया लेकिन उसका पता नहीं चला। पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो पीड़िता ने न्यायालय की शरण लिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां गवाहों के बयानात दर्ज करने के बाद न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने दोषी राम आसरे, महेंद्र और बंगाली गौड़ को दस-दस साल की सश्रम कारावास और 10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश कुमार पांडेय ने किया।
अभियोजन के अनुसार गोपीगंज थानाक्षेत्र के कोइलरा गांव निवासी जड़ावती देवी पत्नी अमरनाथ गौड़ ने आरोप लगाया था कि 17 जून 2005 को सुबह 11 बजे गांव के रामआसरे गौड़, महेंद्र गौड़ और बंगाली गौड़ उसके घर आकर उसके बेटे हरिगेन गौड़ को मुंबई में नौकरी दिलाने के लिए लिवा गए। कुछ दिनों बाद फोन किया तो सभी ने कहा कि दो जुलाई 2005 को उसके बेटे को ट्रेन पर बिठा दिया लेकिन उसका पता नहीं चला। पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो पीड़िता ने न्यायालय की शरण लिया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां गवाहों के बयानात दर्ज करने के बाद न्यायाधीश अशोक कुमार दूबे की अदालत ने दोषी राम आसरे, महेंद्र और बंगाली गौड़ को दस-दस साल की सश्रम कारावास और 10 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष से बहस-पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता रमेश कुमार पांडेय ने किया।