फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   अधर में पड़ा 1200 करोड़ का मसौदा

अधर में पड़ा 1200 करोड़ का मसौदा

Thu, 21 Feb 2019 12:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:23 AM IST
विज्ञापन
अधर में पड़ा 1200 करोड़ का मसौदा
ज्ञानपुर। औराई चीनी मिल परिसर में बायोफ्यूल प्लांट बनाने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा हवा हो गई है। इससे 1200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मसौदा शुरू होने से पहले ही अधर में पड़ता दिख रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने भदोही दौरे के दौरान वर्षों से बंद पड़ी औराई चीनी मिल में बायोफ्यूल प्लांट लगाने की घोषणा की थी।
विज्ञापन

तीन जून 2018 को भदोही आए मुख्यमंत्री ने औराई चीनी मिल में बायोफ्यूल प्लांट लगाने की बात की थी। कहा कि इसके लिए 1200 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे क्षेत्र का विकास होगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा। इससे चीनी मिल के दोबारा चलने की संभावनाओं पर संकट के बादल मंडराने से निराश लोगों को बायोफ्यूल प्लांट के रूप में एक उम्मीद की किरण दिखी थी। लेकिन, घोषणा के तकरीबन आठ महीने बाद भी इस मसौदे को मूर्त रूप देने की दिशा में कारगर पहल नहीं हुई। सीएम की घोषणा के बाद जिला प्रशासन ने चीनी मिल परिसर में बायोफ्यूल प्लांट बनाने की संभावनाओं और मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी थी। इसके बाद प्रशासन इससे जुड़े नए आदेश-निर्देश की प्रतीक्षा में है, लेकिन लखनऊ स्तर पर मसौदे की फाइल अटक गई है। लिहाजा 2007 से बंद चल रही औराई की चर्चित चीनी मिल के दिन लौटने की बात तो दूर, परिसर में बायोफ्यूल प्लांट बनाने की कवायद भी सिफर होती नजर आ रही है। इस संबंध में जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि जिला प्रशासन ने बायोफ्यूल प्लांट चलाने को लेकर चीनी मिल परिसर से जुड़ी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब आगे का फैसला वहां होना है। जैसा दिशानिर्देश मिलेगा, उसके मुताबिक काम किया जाएगा।
विज्ञापन

इनसेट
चीनी मिल के लिए भेजा था 231 करोड़ का इस्टीमेट
12 वर्षों से बंद पड़ी औराई चीनी मिल को दोबारा चालू करने के लिए पिछले वर्ष जिला प्रशासन ने 231 करोड़ का इस्टीमेट शासन को भेजा था। तत्कालीन जिलाधिकारी विशाख जी ने शासन की मांग पर विशेषज्ञों के परामर्श पर इस्टीमेट तैयार करवाकर भेजा था। उसमें बताया गया था कि अगर मिल को दोबारा चालू करना है तो कई मशीनें नई लगाई जाएंगी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने मिल को दोबारा चालू करने की संभावनाओं पर पीछे हटने का मन बना लिया। यही वजह थी कि जब भदोही आगमन के दौरान सांसद ने मिल को दोबारा चालू कराने की बात कही तो मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गन्ने की पैदावार बढ़ाइए, फिर मिल को भी चालू कराएंगे। इसी मौके पर उन्होंने बायोफ्यूल प्लांट को ज्यादा उपयोगी बताते हुए मिल परिसर में चलाने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed