फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   मिट्टी की सेहत के लिए रासायनिक उर्वरक का कम प्रयोग करें

मिट्टी की सेहत के लिए रासायनिक उर्वरक का कम प्रयोग करें

Wed, 06 Dec 2017 12:22 AM IST
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:22 AM IST
विज्ञापन
मिट्टी की सेहत के लिए रासायनिक उर्वरक का कम प्रयोग करें
ज्ञानपुर (भदोही)।
विज्ञापन

कृषि विज्ञान केद्र बेजवां में मंगलवार को विश्व मृदा दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें रासायनिक उर्वरकों का कम प्रयोग कर जैविक खेती पर जोर दिया गया। मिट्टी की ताकत बढ़ाने के लिए देशी खाद के अधिकाधिक प्रयोग करने के लिए कहा गया।

मुख्य अतिथि उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि पैदावार बढ़ाने के लिए किसान रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करते हैं। शुरुआती दिनों में इसका फायदा तो किसान को मिल जाता है, लेकिन भविष्य में मिट्टी का जीवाश्म खत्म होने से वह ऊसर में बदल जाती है। फसल सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. राकेश पांडेय ने मृदा का स्वास्थ्य बेहतर रखने के लिए संतुलित उर्वरकों, खरपतवारनाशी एवं कीटनाशी का प्रयोग करने के लिए किसानों से आग्रह किया। कृषि प्रसाद विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने कहा कि समय-समय पर मृदा के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाना चाहिए। इससे उसमें पोषक तत्वों की कमी का पता लगाया जा सकता है। पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. गोविंद चौधरी ने कहा कि मिट्टी को उपजाऊ बनाने के लिए पशुपालन करने की जरूरत है। पशुओं के खाद से मिट्टी की उर्वरा शक्ति में इजाफा होता है। इस मौके पर एके चतुर्वेदी, राजेंद्र प्रसाद समेत अन्य विशेषज्ञों ने भी अपनी राय रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed