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बिजली की अघोषित कटौती व्यापार व फसल प्रभावित
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चौरी। इलाके के साऊपुर और चौरी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों में बिजली की अघोषित कटौती से किसान संग व्यापारी वर्ग की परेशानी बढ़ गई है। गेहूं की सिंचाई को लेकर जहां किसान परेशान है वहीं शाम ढलते ही अंधेरा छाने से दुकानदारी प्रभावित हो रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
चौरी और साउपुर उपकेंद्र से लगभग दो सौ गांव जुड़े हैं। जिसमें रोटहा, मानिकपुर, कोल्हड़, अनेगपुर, बरदहा, भूलइपुर, जद्दूपुर, बहरी, जमुवा, जगदीशपुर, ममहर, बरवा, दलापुर, चांदी गहना, सवरपुर, अर्जुनपुर, धनवतिया समेत अन्य गांव शामिल हैं। शासन के रोस्टर के अनुसार कम से कम 18 घंटे बिजली की आपूर्ति होनी चाहिए लेकिन बिजली आने का समय का निर्धारण नहीं है। इससे गेहूं की सिंचाई को लेकर किसान परेशान है। कड़ाके की ठंड में रात 12 बजे के बाद बिजली आती है जो किसी काम के नहीं होती। दिन में रूक-रूककर बिजली आने से फायदा नहीं मिल पा रहा है। चौरी समेत ममहर बाजार में शाम ढलते ही बिजली न रहने से दुकानदारी प्रभावित हो रही है। इससे किसान संग व्यापारी विभाग से नाराज है। ग्रामीण राजू दूबे, जगदीश दूबे, सादिक अहमद, जितेंद्र बरनवाल, टुन्ना जायसवाल ने कहा की अगर अघोषित कटौती बंद नहीं हुुई तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
चौरी और साउपुर उपकेंद्र से लगभग दो सौ गांव जुड़े हैं। जिसमें रोटहा, मानिकपुर, कोल्हड़, अनेगपुर, बरदहा, भूलइपुर, जद्दूपुर, बहरी, जमुवा, जगदीशपुर, ममहर, बरवा, दलापुर, चांदी गहना, सवरपुर, अर्जुनपुर, धनवतिया समेत अन्य गांव शामिल हैं। शासन के रोस्टर के अनुसार कम से कम 18 घंटे बिजली की आपूर्ति होनी चाहिए लेकिन बिजली आने का समय का निर्धारण नहीं है। इससे गेहूं की सिंचाई को लेकर किसान परेशान है। कड़ाके की ठंड में रात 12 बजे के बाद बिजली आती है जो किसी काम के नहीं होती। दिन में रूक-रूककर बिजली आने से फायदा नहीं मिल पा रहा है। चौरी समेत ममहर बाजार में शाम ढलते ही बिजली न रहने से दुकानदारी प्रभावित हो रही है। इससे किसान संग व्यापारी विभाग से नाराज है। ग्रामीण राजू दूबे, जगदीश दूबे, सादिक अहमद, जितेंद्र बरनवाल, टुन्ना जायसवाल ने कहा की अगर अघोषित कटौती बंद नहीं हुुई तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
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