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Bhadohi News: 3.5 लाख मवेशियों काे 45 दिन में लगेगा टीका
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ज्ञानपुर। जिले में बारिश के बाद मवेशियों में खुरपका, मुंहपका रोगों की आशंका बढ़ गई है। इसको देखते हुए पशुपालन विभाग की ओर से मवेशियों के टीकाकरण की तैयारी तेज कर दी गई है।
आगामी 23 जुलाई से पशुपालन विभाग 45 दिनों तक अभियान चलाकर साढ़े तीन लाख मवेशियों को खुरपका, मुंहपका का टीका लगाएगा। टीकाकरण करने के लिए कुल 11 टीमें गठित की गई है। एक टीम में पशु डॉक्टर समेत दो लोग हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सचान ने बताया कि बारिश के दिनों में पशुओं में तेजी से खुरपका, मुंहपका रोग होता है, क्योंकि पशुपालक पशुओं को सुबह से ही एक स्थान पर बांध कर रखते हैं। पैर पानी में होने के कारण खुरपका रोग लगता है।
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चारा देते समय पशुओं को अत्यधिक पानी का सेवन करना, कीचड़ वाले स्थान पर बांधने के कारण मुंहपका रोग होता है। इसलिए पशुओं को चारा खिलाने के बाद सूखे स्थान पर बांध देना चाहिए।
बताया कि ज्यादातर समय गोवंश को पानी में खड़े होने के कारण बीमारी की आशंका बढ़ती है। पशुपालकों को चाहिए कि बारिश के दिनों में सूर्यास्त होने से पहले ही पशुओं को चारा खिला लें। गलाघोंटू टीकाकरण चल रहा है।
सीवीओ ने बताया कि 23 जुलाई से खुरपका, मुंहपका टीकाकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। 11 टीम गठित की गई हैं। इसमें एक डॉक्टर के साथ पशुकर्मी होंगे।
पशुओं में तेज बुखार होना, मुंह में घाव होना, चारा न खाना, त्वचा में दाना निकल रहा है। पशुपालक चिकित्सक को दिखाए। यह खुरपका, मुंहपका के लक्षण हो सकते हैं।
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आगामी 23 जुलाई से पशुपालन विभाग 45 दिनों तक अभियान चलाकर साढ़े तीन लाख मवेशियों को खुरपका, मुंहपका का टीका लगाएगा। टीकाकरण करने के लिए कुल 11 टीमें गठित की गई है। एक टीम में पशु डॉक्टर समेत दो लोग हैं।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सचान ने बताया कि बारिश के दिनों में पशुओं में तेजी से खुरपका, मुंहपका रोग होता है, क्योंकि पशुपालक पशुओं को सुबह से ही एक स्थान पर बांध कर रखते हैं। पैर पानी में होने के कारण खुरपका रोग लगता है।
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चारा देते समय पशुओं को अत्यधिक पानी का सेवन करना, कीचड़ वाले स्थान पर बांधने के कारण मुंहपका रोग होता है। इसलिए पशुओं को चारा खिलाने के बाद सूखे स्थान पर बांध देना चाहिए।
बताया कि ज्यादातर समय गोवंश को पानी में खड़े होने के कारण बीमारी की आशंका बढ़ती है। पशुपालकों को चाहिए कि बारिश के दिनों में सूर्यास्त होने से पहले ही पशुओं को चारा खिला लें। गलाघोंटू टीकाकरण चल रहा है।
सीवीओ ने बताया कि 23 जुलाई से खुरपका, मुंहपका टीकाकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। 11 टीम गठित की गई हैं। इसमें एक डॉक्टर के साथ पशुकर्मी होंगे।
पशुओं में तेज बुखार होना, मुंह में घाव होना, चारा न खाना, त्वचा में दाना निकल रहा है। पशुपालक चिकित्सक को दिखाए। यह खुरपका, मुंहपका के लक्षण हो सकते हैं।