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सवा करोड़ पार्थिव शिव लिंग का होगा निर्माण

Fri, 08 Dec 2017 12:26 AM IST
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:26 AM IST
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सवा करोड़ पार्थिव शिव लिंग का होगा निर्माण
सीतामढ़ी (भदोही)।
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आगामी शिवरात्रि पर्व जिले के लिए ऐतिहासिक होगा। यहां का चप्पा-चप्पा शिवमय हो जाएगा। इसका केंद्र बनेगा भदोही जनपद का आध्यात्मिक-पर्यटन स्थल सीतामढ़ी। यहां 13 से 23 फरवरी तक आयोजित समागम में शिवभक्त सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग बनाकर मोक्षदायिनी गंगा में प्रवाहित करेंगे। भजन-कीर्तन, प्रवचन के अलावा वाल्मीकि रामायण पर आधारित श्रीराम कथा भी होगी। साथ ही 11 दिवसीय भंडारे का आयोजन होगा। कार्यक्रम में देशभर के कई मंत्रियों और वीआईपी के आगमन की तैयारी है।
सीतामढ़ी में महाशिवरात्रि पर्व पर 13 फरवरी से 23 फरवरी तक चलने वाला यह आयोजन स्वामी बृजेशानंद जी महाराज मन कामेश्वर धाम लालापुर प्रयाग के नेतृत्व में संपन्न होगा। 11 दिवसीय कार्यक्रम में शिव भक्त सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भागीरथी की गोद में विसर्जित करेंगे। अमर उजाला से बातचीत में स्वामी बृजेशानंद ने बताया कि सभी कार्यक्रम गंगा तट पर होंगे। पूरे धार्मिक अनुष्ठानों को 108 विद्वान आचार्य संपन्न कराएंगे। इस बीच सीताराम महायज्ञ, वाल्मीकि रामायण पर संगीतमय श्री रामकथा का भव्य आयोजन भी होगा। सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां गंगा के सुरम्य तट पर शिवभक्त मिट्टी से पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण करेंगे। इसके बाद निर्मित पार्थिव शिवलिंगों का सायं बेला में महाभिषेक होगा। इसके बाद शिवलिंगों की भस्म आरती, गंगा आरती कर जाह्नवी की पावन धारा में विसर्जित की जाएगी। शाम को गंगा घाट पर विहंगम दृश्य देखने को मिलेगा। बताया कि इस वृहद कार्यक्रम में पांच से सात हजार श्रद्धालुओं की सहभागिता प्रतिदिन होगी। इसके साथ ही सूर्योदय से सूर्यास्त तक पावन सदाव्रत (महाभंडारा) भी 11 दिनों तक चलेगा।
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आयोजन माता सीता की प्रेरणा से- बृजेशानंद जी महाराज ने कहा कि सीतामढ़ी पावन धाम है, जहां भगवान वाल्मीकि ने भूतल के प्रथम महाकाव्य रामायण की रचना की थी। यह आदिशक्ति माता सीता की आश्रय स्थली के साथ लवकुश की जन्म स्थली भी है। ऐसे पावन तीर्थ पर अभीष्ट फल देने वाले समस्त कामनाओं, सिद्धियों को पूर्ण करने वाला यह अनुष्ठान माता सीता की प्रेरणा से ही हो रहा है। इसके पूर्व 42 धार्मिक स्थलों पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन हो चुका है।
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