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300 मकान सड़क चौड़ीकरण के दायरे में
अमर उजाला ब्यूरो , भदोही
Updated Sun, 28 Aug 2016 01:15 AM IST
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भदोही से औराई होकर मिर्जापुर जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण की कवायद प्रशासन की ओर से शुरू कर दी गई है। सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने 80 फीट के दायरे में आने वाले मकानों पर चिन्हांकन कर रहा है। कार्य शुरू होने से मकानों के भी ध्वस्त करने की शीघ्र ही कार्रवाई का संकेत विभाग की ओर से दिया जा रहा है। इसके चलते इस मार्ग पर बाजार के लोगों में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि भदोही से लेकर मिर्जापुर के टेढ़वा तक करीब छह-सात बाजार पड़ते हैं, इसमें सर्वोई, बभनौटी, उगापुर, पुरूषोत्तम पुर, सहसेपुर और टेढ़वा आदि शामिल है। हर बाजार में करीब पचास लोगों के आशियाने सड़क पर हैं, जो कि टूटने के कगार पर हैं। ऐसे में अनुमानत: करीब तीन सौ मकान सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ गए हैं। विभाग द्वारा चिन्हांकन करके तोड़ने का संकेत देने से बाजार वासियों में बेचैनी बढ़ गई है। पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी सामाजिककार्यकर्ता सतीश उपाध्याय का कहना है कि प्रशासन सड़क चौड़ीकरण कर रहा है,लेकिन मुआवजा देने को लेकर पहल नहीं कर रहा है। इससे लोगों का दोहरा नुकसान होगा। इसी गांव निवासी आनंद कुमार ने बताया कि बारिश के समय में आशियाना तोड़ने पर बाजार वासियों के लिए समस्या गंभीर हो जाएगी। कितने ऐसे हैं कि उन्हें मकान तोड़ने पर छत के साथ जमीन भी नसीब नहीं होगी।
पुष्पा देवी का कहना है सड़क बड़ा किया जा रहा है, इससे फायदा बताया जा रहा है। जबकि चौड़ी करण से नुकसान ही नुकसान हो रहा है। जिला प्रशासन को उनकी भी बात सुननी चाहिए। उधर राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि जब तक प्रशासन से जमीन का दाम तय करके मुआवजा नहीं दिया जाएगा। तब तक वे सब आसानी से जमीन को अधिग्रहण नहीं करने देंगे।
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गौरतलब है कि भदोही से लेकर मिर्जापुर के टेढ़वा तक करीब छह-सात बाजार पड़ते हैं, इसमें सर्वोई, बभनौटी, उगापुर, पुरूषोत्तम पुर, सहसेपुर और टेढ़वा आदि शामिल है। हर बाजार में करीब पचास लोगों के आशियाने सड़क पर हैं, जो कि टूटने के कगार पर हैं। ऐसे में अनुमानत: करीब तीन सौ मकान सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आ गए हैं। विभाग द्वारा चिन्हांकन करके तोड़ने का संकेत देने से बाजार वासियों में बेचैनी बढ़ गई है। पुरुषोत्तमपुर गांव निवासी सामाजिककार्यकर्ता सतीश उपाध्याय का कहना है कि प्रशासन सड़क चौड़ीकरण कर रहा है,लेकिन मुआवजा देने को लेकर पहल नहीं कर रहा है। इससे लोगों का दोहरा नुकसान होगा। इसी गांव निवासी आनंद कुमार ने बताया कि बारिश के समय में आशियाना तोड़ने पर बाजार वासियों के लिए समस्या गंभीर हो जाएगी। कितने ऐसे हैं कि उन्हें मकान तोड़ने पर छत के साथ जमीन भी नसीब नहीं होगी।
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पुष्पा देवी का कहना है सड़क बड़ा किया जा रहा है, इससे फायदा बताया जा रहा है। जबकि चौड़ी करण से नुकसान ही नुकसान हो रहा है। जिला प्रशासन को उनकी भी बात सुननी चाहिए। उधर राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि जब तक प्रशासन से जमीन का दाम तय करके मुआवजा नहीं दिया जाएगा। तब तक वे सब आसानी से जमीन को अधिग्रहण नहीं करने देंगे।
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