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Bhadohi News: वाहन और बीमा के कागज न देने पर 30 हजार जुर्माना
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ज्ञानपुर। जिला उपभोक्ता ने बुधवार को ऑटो का पंजीयन प्रमाणपत्र और बीमा का कागज न देने पर शोरूम संचालक पर 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया। साथ ही दो महीने के भीतर से वाहन वापस लेकर शिकायतकर्ता को साढ़े तीन लाख रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया। कहा कि अगर दो महीने में आदेश का अनुपालन नहीं किया गया तो 12 फीसदी ब्याज के साथ धनराशि चुकानी होगी।
उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि गोपीगंज के अंजही मोहाल निवासी अनिल कुमार ने 22 अगस्त 2024 को जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार उन्होंने ऑटो ऑथराइज्ड डीलर शोरूम, 28 बाईपास रोड राजपुरा से 31 जुलाई 2023 को साढ़े तीन लाख रुपये में सीएनजी ऑटो खरीदा था। शोरूम संचालक ने एक महीने के बाद वाहन का पंजीयन प्रमाणपत्र और बीमा का कागज देने का वादा किया था।
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निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी उसने पंजीयन प्रमाणपत्र और बीमा का कागज नहीं दिया। इसके लिए वह लंबे समय तक शोरूम का चक्कर काटता रहा। इसके बाद उसने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
उपभोक्ता आयोग की अदालत ने विपक्षी को नोटिस भेजा, लेकिन उसने लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद आयोग ने मामले को एकपक्षीय मानते हुए आदेश पारित किया। आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे और सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ ने शोरूम संचालक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
वहीं, ऑटो वापस लेकर पीड़ित को साढ़े तीन लाख रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। चेताया कि अगर आदेश का पालन नहीं किया तो 12 फीसदी ब्याज के साथ पूरी धनराशि लौटानी होगी।
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उपभोक्ता आयोग के रीडर स्वतंत्र रावत ने बताया कि गोपीगंज के अंजही मोहाल निवासी अनिल कुमार ने 22 अगस्त 2024 को जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
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शिकायत के अनुसार उन्होंने ऑटो ऑथराइज्ड डीलर शोरूम, 28 बाईपास रोड राजपुरा से 31 जुलाई 2023 को साढ़े तीन लाख रुपये में सीएनजी ऑटो खरीदा था। शोरूम संचालक ने एक महीने के बाद वाहन का पंजीयन प्रमाणपत्र और बीमा का कागज देने का वादा किया था।
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निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी उसने पंजीयन प्रमाणपत्र और बीमा का कागज नहीं दिया। इसके लिए वह लंबे समय तक शोरूम का चक्कर काटता रहा। इसके बाद उसने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
उपभोक्ता आयोग की अदालत ने विपक्षी को नोटिस भेजा, लेकिन उसने लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद आयोग ने मामले को एकपक्षीय मानते हुए आदेश पारित किया। आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे और सदस्य विजय बहादुर सिंह की पीठ ने शोरूम संचालक पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
वहीं, ऑटो वापस लेकर पीड़ित को साढ़े तीन लाख रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया। चेताया कि अगर आदेश का पालन नहीं किया तो 12 फीसदी ब्याज के साथ पूरी धनराशि लौटानी होगी।