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28 लाख से कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय का बदलेगा स्वरुप
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ज्ञानपुर/वहिदानगर। डीघ ब्लाक के दरवांसी गांव में 1950 से संचालित कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय का स्वरूप बदलने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पहल शुरू कर दी है। स्कूल के पुराने उपकरणों की नीलामी कराकर सभी कक्षों का नवीनीकरण कराया जाएगा। एक माह पूर्व एकल कक्ष की छत का जीर्णोद्धार कराते समय अन्य कक्षों की खस्ता हाल स्थिति देखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी ने यह निर्णय लिया है। इसके लिए 28 लाख की कार्य योजना तैयार कर शासन को भेज दी गई है।
दो माह पूर्व दरवांसी गांव निवासी राजेश सिंह मिंटू ने बेसिक शिक्षा, मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त को शिकायत दर्ज कराई थी कि उक्त विद्यालय 1950 से संचालित कराया जा रहा है। चहारदीवारी विहीन विद्यालय होने से सबसे अधिक परेशानी का सामना छात्राओं को करना पड़ता है। सात वर्ष पहले एक कक्षीय भवन का निर्माण होने से विभागीय कामकाज को सकुशल निबटाने और जरूरी कागजात रखने में सहूलियत हुई लेकिन कक्ष निर्माण में मानक की अनदेखी से बारिश में पूरी छत टपकती थी और प्लास्टर के चप्पड़ शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के ऊपर ही गिरता था। तीन अन्य कक्ष की दीवारें खड़ी हैं, लेकिन ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से जर्जर हो जाने से शिक्षण कार्य करने से शिक्षक घबराते हैं। आवाज उठाने पर रसोई घर की रंगाई-पुताई, छात्र-छात्रा शौचालय का निर्माण कर कोरम पूरा कर लिया गया। दिव्यांग शौचालय की स्थिति यह है कि कमोड रखकर जिम्मेदार अन्य कार्य भूल गए और लगभग तीन लाख रुपये का भुगतान भी करा लिया। अभिभावक अपने बच्चों को उक्त विद्यालय के जर्जर कक्ष में शिक्षण कार्य कराने तक से घबराने लगे थे। शिकायत का असर रहा कि खंड शिक्षा अधिकारी ने उचित निर्णय लिया और कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए 28 लाख की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेज दी गई।
ज्ञानपुर। खंड शिक्षा अधिकारी डीघ फराह रईश ने बताया कि कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय दरवांसी के मामले में 63 छात्र-छात्रा, तीन शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए नवीनीकरण कार्य योजना बनवाई गई है। तकनीकी टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट भी विभाग को सौंप दी है। नीलामी प्रक्रिया पूर्ण करने में लगभग तीन से चार माह का समय लगेगा। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने पर नवीनीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। मामले में किसी तरह का व्यवधान आने पर डीएम तक मामला पहुंचाकर निराकरण होगा।
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दो माह पूर्व दरवांसी गांव निवासी राजेश सिंह मिंटू ने बेसिक शिक्षा, मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त को शिकायत दर्ज कराई थी कि उक्त विद्यालय 1950 से संचालित कराया जा रहा है। चहारदीवारी विहीन विद्यालय होने से सबसे अधिक परेशानी का सामना छात्राओं को करना पड़ता है। सात वर्ष पहले एक कक्षीय भवन का निर्माण होने से विभागीय कामकाज को सकुशल निबटाने और जरूरी कागजात रखने में सहूलियत हुई लेकिन कक्ष निर्माण में मानक की अनदेखी से बारिश में पूरी छत टपकती थी और प्लास्टर के चप्पड़ शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के ऊपर ही गिरता था। तीन अन्य कक्ष की दीवारें खड़ी हैं, लेकिन ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से जर्जर हो जाने से शिक्षण कार्य करने से शिक्षक घबराते हैं। आवाज उठाने पर रसोई घर की रंगाई-पुताई, छात्र-छात्रा शौचालय का निर्माण कर कोरम पूरा कर लिया गया। दिव्यांग शौचालय की स्थिति यह है कि कमोड रखकर जिम्मेदार अन्य कार्य भूल गए और लगभग तीन लाख रुपये का भुगतान भी करा लिया। अभिभावक अपने बच्चों को उक्त विद्यालय के जर्जर कक्ष में शिक्षण कार्य कराने तक से घबराने लगे थे। शिकायत का असर रहा कि खंड शिक्षा अधिकारी ने उचित निर्णय लिया और कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए 28 लाख की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेज दी गई।
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ज्ञानपुर। खंड शिक्षा अधिकारी डीघ फराह रईश ने बताया कि कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय दरवांसी के मामले में 63 छात्र-छात्रा, तीन शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए नवीनीकरण कार्य योजना बनवाई गई है। तकनीकी टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट भी विभाग को सौंप दी है। नीलामी प्रक्रिया पूर्ण करने में लगभग तीन से चार माह का समय लगेगा। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने पर नवीनीकरण का कार्य शुरू हो जाएगा। मामले में किसी तरह का व्यवधान आने पर डीएम तक मामला पहुंचाकर निराकरण होगा।
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