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Bhadohi News: 25 साल पहले रोडवेज बस चालक ने की थी बदसलूकी, अब यात्री को मिला 51 हजार रुपये जुर्माना
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ज्ञानपुर (भदोही)। बदसलूकी और अंतिम स्टेशन पर देर से पहुंचाने के मामले में रोडवेज बस के यात्री डॉ. कृष्णावतार त्रिपाठी राही को 25 साल बाद 51 हजार रुपये जुर्माना मिला है। जिला उपभोक्ता आयोग के चेयरमैन संजय कुमार डे ने बुधवार को परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक से प्राप्त चेक यात्री को सौंपा।
ज्ञानपुर के कुंवरगंज निवासी डॉ. कृष्णावतार त्रिपाठी राही 26 जुलाई 2000 को परिवहन निगम की बस से इलाहाबाद से गोपीगंज आ रहे थे। उनका आरोप था कि बस चालक ने चकपरौना में बस रोक दी और एक ढाबे में खाने चला गया। इस पर आपत्ति जताई तो चालक ने नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। बस रात 11 बजे गोपीगंज पहुंचनी थी लेकिन डेढ़ घंटे की देरी से रात 12.30 बजे पहुंच सकी। गोपीगंज से घर जाने के लिए उन्हें कोई वाहन नहीं मिला। बारिश में भीगते हुए पैदल घर जान पड़ा। इससे बीमार पड़ गए। वर्ष 2001 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने साल 2007 में यात्री को 15 हजार रुपये 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से जुर्माना अदा करने के लिए परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को आदेश दिया था।
जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश के खिलाफ निगम ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की। निगम की अपील राज्य उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दी। इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने क्षेत्रीय रोडवेज प्रबंधक के खिलाफ वसूली का नोटिस जारी किया। बाद में ब्याज जोड़कर परिवहन निगम ने 51 हजार रुपये का चेक जमा कराया था। अब चेक डॉ. कृष्णावतार त्रिपाठी राही को सौंपा गयहहै।
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ज्ञानपुर के कुंवरगंज निवासी डॉ. कृष्णावतार त्रिपाठी राही 26 जुलाई 2000 को परिवहन निगम की बस से इलाहाबाद से गोपीगंज आ रहे थे। उनका आरोप था कि बस चालक ने चकपरौना में बस रोक दी और एक ढाबे में खाने चला गया। इस पर आपत्ति जताई तो चालक ने नशे की हालत में दुर्व्यवहार किया। बस रात 11 बजे गोपीगंज पहुंचनी थी लेकिन डेढ़ घंटे की देरी से रात 12.30 बजे पहुंच सकी। गोपीगंज से घर जाने के लिए उन्हें कोई वाहन नहीं मिला। बारिश में भीगते हुए पैदल घर जान पड़ा। इससे बीमार पड़ गए। वर्ष 2001 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने साल 2007 में यात्री को 15 हजार रुपये 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से जुर्माना अदा करने के लिए परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को आदेश दिया था।
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जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश के खिलाफ निगम ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की। निगम की अपील राज्य उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दी। इसके बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने क्षेत्रीय रोडवेज प्रबंधक के खिलाफ वसूली का नोटिस जारी किया। बाद में ब्याज जोड़कर परिवहन निगम ने 51 हजार रुपये का चेक जमा कराया था। अब चेक डॉ. कृष्णावतार त्रिपाठी राही को सौंपा गयहहै।
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