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पीएम सम्मान निधि: 14 नोडल अफसरों की निगरानी में सत्यापन
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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए चल रहे सत्यापन के लिए 14 नोडल अधिकारी लगाए गए हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी और राजस्व विभाग की उदासीनता से तय तिथि तक सत्यापन पूर्ण नहीं हो सका। 10 फरवरी तक सत्यापन पूर्ण कर रिपोर्ट देनी थी, लेकिन अब तक 60 फीसदी ही सत्यापन हो सका है। सत्यापन पूर्ण होने पर कृषि विभाग की ओर से संबंधित किसानों के खातों में स्कीम के तहत पहले चरण में दो हजार भेजा जाएगा।
एक फरवरी को अंतरिम बजट में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने पांच एकड़ से कम खेत वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये सहायता देने की घोषणा की थी, जिसकी पहली किस्त के रूप में दो हजार रुपये मार्च के दूसरे पखवाड़े में पहुंचनी शुरू हो जाएगी। इसके बाद से ही प्रशासनिक अमला योजना को फाइनल टच देने में जुट गया है। जिले के तीनों तहसीलों में करीब एक लाख 87 हजार किसान हैं, जिनमें करीब एक लाख 75 हजार किसान लघु एवं सीमांत है। इनके पास पांच एकड़ से कम खेती है। शासन का पत्र आने के बाद प्रशासन ने किसानों के सत्यापन कराने का निर्देश दिया। जिसके लिए 14 नोडल अधिकारियों को नामित किया गया है। जिसमें जिला खाद्य विपणन अधिकारी, मत्स्य निदेशक, एआर कोआपरेटिव समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। एक-एक अधिकारी के नेतृत्व में 15 से 20 लेखपाल और सेक्रेटरी सत्यापन कार्य कर रहे हैं। छह से 10 फरवरी तक सत्यापन कार्य को पूर्ण करना था लेकिन अब तक 60 फीसदी ही सत्यापन हो सका है।
उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि पांच एकड़ से कम खेती वाले किसानों का पंजीकरण कराया जा रहा है। उसके साथ ही सत्यापन कार्य पूर्ण होने के बाद किसानों के खाते में स्कीम के तहत राशि भेजी जाएगी।
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यह होंगी पात्रता की शर्तें
उप निदेशक अरविंद सिंह ने बताया कि योजना में वहीं किसान पात्र होगा जिसके पास दो हेक्टेयर से कम खेती की जमीन होगी। संबंधित किसान की सरकारी नौकरी भी नहीं होनी चाहिए। यदि किसान पेंशन धारक है तो उसकी पेंशन 10 हजार रुपये मासिक से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। किसी भी सरकारी विभाग का चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारी पात्र माना जाएगा। स्कीम से इंजीनियर, डाक्टर, सरकारी शिक्षक, सेवारत अधिकारियों को बाहर रखा गया है। स्कीम में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने का कोई मतलब नहीं है। सब कुछ आनलाइन प्रक्रिया के तहत होगा।
लेखपाल ने किया सत्यापन
वहिदानगर। प्रधानमंत्री सम्मान योजना में किसानों का सत्यापन तेज हो गया है। रविवार को डीघ के मझगवां, फुलवरिया, शिवसेवकपट्टी, सेमराध आदि गांवों में कृषि विभाग की ओर से चयनित राजस्व कर्मी ने सत्यापन किया। इस दौरान छूटे किसानों को पोर्टल से जोड़ने के लिए दस्तावेज एकत्रित किया गया। लेखपाल चंद्र प्रकाश ने कहा कि केवटाही गांव में कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत 192 और मानशाहपुर गांव के 95 पंजीकृत कृषकों एवं जाजापुर गांव के 39 किसानों के सत्यापन का काम पूर्ण हो चुका है।
एक फरवरी को अंतरिम बजट में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने पांच एकड़ से कम खेत वाले किसानों को सालाना छह हजार रुपये सहायता देने की घोषणा की थी, जिसकी पहली किस्त के रूप में दो हजार रुपये मार्च के दूसरे पखवाड़े में पहुंचनी शुरू हो जाएगी। इसके बाद से ही प्रशासनिक अमला योजना को फाइनल टच देने में जुट गया है। जिले के तीनों तहसीलों में करीब एक लाख 87 हजार किसान हैं, जिनमें करीब एक लाख 75 हजार किसान लघु एवं सीमांत है। इनके पास पांच एकड़ से कम खेती है। शासन का पत्र आने के बाद प्रशासन ने किसानों के सत्यापन कराने का निर्देश दिया। जिसके लिए 14 नोडल अधिकारियों को नामित किया गया है। जिसमें जिला खाद्य विपणन अधिकारी, मत्स्य निदेशक, एआर कोआपरेटिव समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। एक-एक अधिकारी के नेतृत्व में 15 से 20 लेखपाल और सेक्रेटरी सत्यापन कार्य कर रहे हैं। छह से 10 फरवरी तक सत्यापन कार्य को पूर्ण करना था लेकिन अब तक 60 फीसदी ही सत्यापन हो सका है।
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उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि पांच एकड़ से कम खेती वाले किसानों का पंजीकरण कराया जा रहा है। उसके साथ ही सत्यापन कार्य पूर्ण होने के बाद किसानों के खाते में स्कीम के तहत राशि भेजी जाएगी।
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यह होंगी पात्रता की शर्तें
उप निदेशक अरविंद सिंह ने बताया कि योजना में वहीं किसान पात्र होगा जिसके पास दो हेक्टेयर से कम खेती की जमीन होगी। संबंधित किसान की सरकारी नौकरी भी नहीं होनी चाहिए। यदि किसान पेंशन धारक है तो उसकी पेंशन 10 हजार रुपये मासिक से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। किसी भी सरकारी विभाग का चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारी पात्र माना जाएगा। स्कीम से इंजीनियर, डाक्टर, सरकारी शिक्षक, सेवारत अधिकारियों को बाहर रखा गया है। स्कीम में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने का कोई मतलब नहीं है। सब कुछ आनलाइन प्रक्रिया के तहत होगा।
लेखपाल ने किया सत्यापन
वहिदानगर। प्रधानमंत्री सम्मान योजना में किसानों का सत्यापन तेज हो गया है। रविवार को डीघ के मझगवां, फुलवरिया, शिवसेवकपट्टी, सेमराध आदि गांवों में कृषि विभाग की ओर से चयनित राजस्व कर्मी ने सत्यापन किया। इस दौरान छूटे किसानों को पोर्टल से जोड़ने के लिए दस्तावेज एकत्रित किया गया। लेखपाल चंद्र प्रकाश ने कहा कि केवटाही गांव में कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत 192 और मानशाहपुर गांव के 95 पंजीकृत कृषकों एवं जाजापुर गांव के 39 किसानों के सत्यापन का काम पूर्ण हो चुका है।