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कलंक नहीं हैं मानसिक रोग
Updated Thu, 27 Sep 2018 12:28 AM IST
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ज्ञानपुर। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बुधवार को विश्व अल्जाइमर्स दिवस के उपलक्ष्य में जिला पंचायत सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें अल्जाइमर रोग के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केएनपीजी कॉलेज के शिक्षक डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि खुश रहने से मानसिक बीमारी नहीं होती। इसलिए हमेशा खुश रहने का प्रयास करना चाहिए। विडंबना है कि आधुनिक जीवन में ज्यादातर लोगों का अंतरमन खुश नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश सिंह ने कहा कि हमारे देश में प्रति हजार 73 लोग मानसिक बीमारी से ग्रसित हैं। जबकि यूपी में आठ प्रतिशत लोग इससे प्रभावित हैं। अल्जाइमर रोग 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को जल्दी प्रभावित करता है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मानसिक स्वास्थ्य के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि मानसिक रोग को लेकर अब भी कुछ लोगों में भ्रम है। कुछ लोग इसे कलंक मानते हैं। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसका उपचार संभव है। मानसिक रोगों के कई कारण हो सकते हैं। मसलन आनुवंशिकी, मस्तिष्क घात, पारिवारिक कलह, मधुमेह आदि। इस मौके पर डॉ. सुशील मिश्रा, डॉ. भारतेंदु द्विवेदी, डॉ. अशोक कुमार, रोहिताश दुबे, विनय भारती, आशीष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व विश्व अल्जामइर्स दिवस और राष्ट्रीय डिमेंसिया जागरूकता सप्ताह के तहत नगर में जागरूकता रैली निकाली गई। जिला अस्पताल से निकली रैली को सीएमओ और सीएमएस डॉ. डीवी प्रसाद ने झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में केएनपीजी कॉलेज, जीआईसी और एनसीसी के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
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