फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bhadohi News ›   21 thousand jandhan account fill

21 हजार जनधन खाते हुए बे धन

Mon, 24 Feb 2020 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Feb 2020 11:18 PM IST
विज्ञापन
21 thousand jandhan account fill
ज्ञानपुर। केंद्र में मोदी की सरकार बनने के बाद थोक के भाव खोले गए जन-धन खातों के संचालन को लेकर खाताधारकों की निष्क्रियता बैंकर्स का सिरदर्द बढ़ाने लगी है। जिले में जन-धन के 21 हजार खातों में एक रुपया भी जमा नहीं है। 15-15 लाख रुपये की लालच में खोले गए खातों में सरकार की तरफ से कुछ नहीं मिला तो खाताधारकों ने भी एक भी रुपये जमा नहीं किये। अब बैंक अधिकारी इन खातों के संचालन को लेकर असमंजस में हैं।
विज्ञापन

सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के हर नागरिक के पास अपना खाता होने पर काफी जोर दिया था। उनकी इस मंशा को पूरा करने के लिए बैंकों ने अभियान चलाकर 2014-15 में दो लाख 43 हजार 697 खाते खुलवाए। शुरुआत में इन जन-धन खातों को खोलने में लोगों ने काफी दिलचस्पी दिखाई। अब यह खाते सिर्फ आंकड़ों तक ही सिमट कर रह गए हैं। तीन से चार साल तक लेन-देन न होने की वजह से 21 हजार खातों में जीरो बैलेंस होने के कारण वह निष्क्रिय हो गए।
विज्ञापन

बैंक अधिकारियों की मानें तो इन खातों में अतिशीघ्र लेन-देन होना बहुत जरूरी है, जिससे अटल पेंशन योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ लाभार्थियों को मिल सके। खातों के निष्क्रिय होने से एक तरफ़ जहां बैंकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं जिस सोच के तहत सरकार ने इस योजना की शुरुआत की थी, वह भी जमीन पर नहीं उतर सकी। सभी खाते शून्य बैलेंस पर खोले गए थे। बाद में कई खाताधारियों ने अपने खाते में एक पैसे का भी योगदान नहीं किया, हालांकि दो लाख 22 हजार खातों में करीब 33 करोड़ की रकम अब भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एलडीएम उमेश कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से जब जन-धन योजना की शुरुआत की गई तो कई लोगों ने शून्य बैलेंस पर खाता तो खोलवा लिया, लेकिन खाता खोलवाने के बाद उसमें धनराशि जमा नहीं की। जिन लोगों के खाते में जमा निकासी की गई, उनको 10 हजार रुपये ओवर ड्राफ्ट की सुविधा भी दी गई। इसी खाते के माध्यम से जीवन ज्योति और अटल सुरक्षा योजना के तहत लोगों का दो लाख का बीमा करना था। खाताधारकों की ओर से लेन-देन न होने से काफी समस्याएं आ रही हैं।

जन-धन खातों में लेन-देन न होने से परेशान बैंकर्स को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या किए जाए। ऊपर से दिशानिर्देश लेने के साथ ही खाताधारकों को नोटिस जारी कर खातों में लेन-देन करने के लिए कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार ने लेन-देन की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सभी का खाता खुलवाने की जरूरत पर बल दिया था, लेकिन खाताधारकों के संजीदगी न बरतने से मुश्किलें बढ़ चलीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed