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दूसरे दिन भी तीन घंटे ठप रहा आरक्षण कार्य
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भदोही। लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को भी भदोही रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र में तीन घंटे तक आरक्षण कार्य ठप रहा। गुरूवार को लगभग छह घंटे तक आरक्षण कार्य नहीं हो सका था। इसको लेकर आमजन में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इसके लिए काफी हद तक यहां के अधिकारी जिम्मेदार तो हैं हीं अपने जनपद के जनप्रतिनिधि भी कम जिम्मेदार नहीं है।
जानकारी हो कि भदोही स्टेशन का यूपीएस सिस्टम फेल हो गया है। इससे बिजली गुल होने पर आरक्षण का कार्य ठप हो जाता है। बीते 12 जनवरी को पूरे दिन आरक्षण व्यवस्था ठप होने से अधिकारियों ने सीख नहीं ली और गुरूवार को छह घंटे तक रेल टिकटों का आरक्षण नहीं हो सका था। लोग इस आस में थे कि शुक्रवार को स्थिति को दुरूस्त हो जोगी लेकिन वाराणसी से आई तकनीकी टीम ने किसी तरह सेवा बहाल तो की लेकिन तीन घंटे व्यवस्था बाधित रही। इससे सुबह सुबह तत्काल टिकटों के लिए दूर दूर से आए रेलयात्रियों को बैरंग लौटना पड़ा। रेल अधिकारी दबे मन से बता रहे हैं कि समस्या यूपीएस को लेकर है। जिसे दुरूस्त करने के लिए रेलवे को ही आगे आना होगा।
इधर रोज रोज इस समस्या से आजिज यात्रियों का कहना है कि आए दिन व्यवस्था खराब हो रही है। इसको लेकर जहां रेलवे उपेक्षात्मक रवैया अपना रही है तो दूसरी ओर जिले के जनप्रतिनिधियों के भी शांत बैठे रहने से लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि उच्चाधिकारियों से वार्ता कर व्यवस्था सुधार की बात करें तो स्थिति सुधर सकती है। हलांकि शुक्रवार को स्थानीय रेल अधिकारियों ने बताया कि एडीएआरएम ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी हो कि भदोही स्टेशन का यूपीएस सिस्टम फेल हो गया है। इससे बिजली गुल होने पर आरक्षण का कार्य ठप हो जाता है। बीते 12 जनवरी को पूरे दिन आरक्षण व्यवस्था ठप होने से अधिकारियों ने सीख नहीं ली और गुरूवार को छह घंटे तक रेल टिकटों का आरक्षण नहीं हो सका था। लोग इस आस में थे कि शुक्रवार को स्थिति को दुरूस्त हो जोगी लेकिन वाराणसी से आई तकनीकी टीम ने किसी तरह सेवा बहाल तो की लेकिन तीन घंटे व्यवस्था बाधित रही। इससे सुबह सुबह तत्काल टिकटों के लिए दूर दूर से आए रेलयात्रियों को बैरंग लौटना पड़ा। रेल अधिकारी दबे मन से बता रहे हैं कि समस्या यूपीएस को लेकर है। जिसे दुरूस्त करने के लिए रेलवे को ही आगे आना होगा।
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इधर रोज रोज इस समस्या से आजिज यात्रियों का कहना है कि आए दिन व्यवस्था खराब हो रही है। इसको लेकर जहां रेलवे उपेक्षात्मक रवैया अपना रही है तो दूसरी ओर जिले के जनप्रतिनिधियों के भी शांत बैठे रहने से लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि उच्चाधिकारियों से वार्ता कर व्यवस्था सुधार की बात करें तो स्थिति सुधर सकती है। हलांकि शुक्रवार को स्थानीय रेल अधिकारियों ने बताया कि एडीएआरएम ने स्थिति का संज्ञान लिया है। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं।
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