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मूलभूत सुविधाओं के लिए ग्रामीणों का प्रदर्शन
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:18 AM IST
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ज्ञानपुर। ब्लॉक के सबसे बड़े गांव जखांव की दलित बस्ती के ग्रामीणों ने मंगलवार को मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विकास के मामले में बस्ती को उपेक्षित करने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से गुहार लगाई। कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाएं बस्ती के आस-पास नजर नहीं आतीं। शौचालय, आवास से लेकर दूसरी योजनाएं भी बस्ती तक पहुंचने से पूर्व ही खत्म हो जाती हैं।
केंद्र सरकार की ओर से आवास विहीन पात्रों को प्रधानमंत्री आवास और स्वच्छता मिशन के तहत शौचालय दिया जा रहा है, लेकिन जखांव गांव की दलित बस्ती के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ज्ञानपुर-गोपीगंज मार्ग से सटी बस्ती की आबादी करीब एक हजार है जबकि 650 मतदाता हैं। बस्ती के एकाध घर में शौचालय बने हैं, जबकि आवास किसी को आवंटित नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने कहा कि ब्लॉक का सबसे बड़ा गांव होने के बाद भी उनकी बस्ती को नजरअंदाज किया जा रहा है। शौचालय, आवास, विद्युतीकरण समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। वर्ष 2007 के पूर्व ही गांव में कोई कार्य हुआ है। बसपा, सपा और अब भाजपा सरकार में कोई काम बस्ती में नहीं कराया गया। पूर्व में कई बार ग्राम पंचायत अधिकारी से लेकर ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की गई, लेकिन उसका कोई असर नहीं पड़ा। बस्ती के लोगों ने कहा कि अविलंब पहल नहीं की गई तो वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में दीपक लाल, अमरजीत, लौधर, सिताली, पन्नालाल, हीरालाल आदि रहे।
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केंद्र सरकार की ओर से आवास विहीन पात्रों को प्रधानमंत्री आवास और स्वच्छता मिशन के तहत शौचालय दिया जा रहा है, लेकिन जखांव गांव की दलित बस्ती के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ज्ञानपुर-गोपीगंज मार्ग से सटी बस्ती की आबादी करीब एक हजार है जबकि 650 मतदाता हैं। बस्ती के एकाध घर में शौचालय बने हैं, जबकि आवास किसी को आवंटित नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने कहा कि ब्लॉक का सबसे बड़ा गांव होने के बाद भी उनकी बस्ती को नजरअंदाज किया जा रहा है। शौचालय, आवास, विद्युतीकरण समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। वर्ष 2007 के पूर्व ही गांव में कोई कार्य हुआ है। बसपा, सपा और अब भाजपा सरकार में कोई काम बस्ती में नहीं कराया गया। पूर्व में कई बार ग्राम पंचायत अधिकारी से लेकर ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की गई, लेकिन उसका कोई असर नहीं पड़ा। बस्ती के लोगों ने कहा कि अविलंब पहल नहीं की गई तो वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में दीपक लाल, अमरजीत, लौधर, सिताली, पन्नालाल, हीरालाल आदि रहे।
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