{"_id":"5feb736d8ebc3e3eb36776ae","slug":"200-million-street-lights-extinguished-in-20-days-bhadohi-news-vns5662266104","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 दिन में बुझ गई 20 करोड़ की स्ट्रीट लाइट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
20 दिन में बुझ गई 20 करोड़ की स्ट्रीट लाइट
विज्ञापन
हाइवे पर कौलापुर के समीप बुझी स्ट्रीट लाइट।
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर/कौलापुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर सिक्सलेन निर्माण के समय करीब 20 करोड़ की लागत से लगी स्ट्रीट लाइट 20 दिन भी उजाला नहीं दे सकीं। कड़ाके की ठंड में शाम ढलते ही हाइवे के दोनों छोर पर अंधेरा छा जा रहा है। अंधेरे में लेन से यात्रा करने वाले राहगीरों, वाहन चालकों और दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है।
72 किलोमीटर वाले हंडिया-राजातालाब फोरलेन खंड को सिक्सलेन बनाने में एनएचएआई ने 2447 करोड़ रुपये खर्च किए। जिले के ऊंज से लेकर बाबूसराय तक करीब 38 किमी के क्षेत्र में दर्जन भर से अधिक अंडरपास, ओवरब्रजि संग नाला, बस स्टैंड, सर्विसलेन आदि की सुविधा दी गई। यात्रियों और राहगीरों की सहूलियत के लिए दोनों छोर पर स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्सलेन का लोकार्पण किया। करीब 20 से 25 दिन ही गुजरे होंगे कि अधिकतर स्ट्रीट लाइट की बत्ती गुल हो गई है। ऐसे में कार्यदाई संस्था की ओर से स्ट्रीट लगाने के मानक पर ही सवाल उठने लगे हैं। उदाहरण के रुप में पूर्वी छोर के बाबूसराय से लेकर पश्चिमी छोर ऊंज के मध्य कौलापुर, गिराई, नवधन, जंगीगंज, गोधना-सूफीनगर, लालानगर, जयरामपुर-घोसिया, माधोसिंह, नटवां, पर्वतपुर में लगी लाइटें या तो एक ही लेन पर जलती हैं या जलती नहीं। कारण है कि जिस कंपनी से लाइट लगवाने के लिए पोल और तार का क्रय हुआ है वह मानक पर खरा नहीं उतर रही है। जख्म पर मरहम लगाने वाला विद्युत विभाग ने राजमार्ग के लाइटों का भी लोड उन्हीं पुराने और जर्जर हाईटेंशन तारों पर दिया है जो पूर्व में अग्निकांड, शार्टसर्किट को अंजाम दे चुके हैं। एनएचएआई के मुताबिक स्ट्रीट लाइट लगाने में करीब 20 करोड़ खर्च हुए हैं। शिकायत के बाद भी एनएचएआई का मेंटनेस अनुभाग ध्यान नहीं दे रहा है। स्ट्रीट लाइट लगने और जलने से उम्मीद जगी थी कि राजमार्ग पर होने वाले हादसों, अनहोनियों से अब मुक्ति मिलेगी उस पर भी ग्रहण लग रहा है। पीडी एनएन एके राय ने कहा कि कुछ स्थानों पर लाइट को जलाने के लिए कनेक्शन कराकर चालू की गई है और कार्य चल रहा है। जहां लाइट नहीं जल रही हैं जांच कराकर खराबी दूर करा दी जाएगी।
सुधार कराएं, अन्यथा होगा आंदोलन
कौलापुर। क्षेत्र के मदनपुर, कौलापुर गांव निवासी शशिकांत तिवारी, मोनू उपाध्याय, रमेश यादव, पंकज मिश्रा ने एनएचएआई के अधिकारियों को चेतावनी दिया कि अविलंब बुझी स्ट्रीट लाइट की जांच नहीं हुई तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
72 किलोमीटर वाले हंडिया-राजातालाब फोरलेन खंड को सिक्सलेन बनाने में एनएचएआई ने 2447 करोड़ रुपये खर्च किए। जिले के ऊंज से लेकर बाबूसराय तक करीब 38 किमी के क्षेत्र में दर्जन भर से अधिक अंडरपास, ओवरब्रजि संग नाला, बस स्टैंड, सर्विसलेन आदि की सुविधा दी गई। यात्रियों और राहगीरों की सहूलियत के लिए दोनों छोर पर स्ट्रीट लाइट भी लगाई गई। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्सलेन का लोकार्पण किया। करीब 20 से 25 दिन ही गुजरे होंगे कि अधिकतर स्ट्रीट लाइट की बत्ती गुल हो गई है। ऐसे में कार्यदाई संस्था की ओर से स्ट्रीट लगाने के मानक पर ही सवाल उठने लगे हैं। उदाहरण के रुप में पूर्वी छोर के बाबूसराय से लेकर पश्चिमी छोर ऊंज के मध्य कौलापुर, गिराई, नवधन, जंगीगंज, गोधना-सूफीनगर, लालानगर, जयरामपुर-घोसिया, माधोसिंह, नटवां, पर्वतपुर में लगी लाइटें या तो एक ही लेन पर जलती हैं या जलती नहीं। कारण है कि जिस कंपनी से लाइट लगवाने के लिए पोल और तार का क्रय हुआ है वह मानक पर खरा नहीं उतर रही है। जख्म पर मरहम लगाने वाला विद्युत विभाग ने राजमार्ग के लाइटों का भी लोड उन्हीं पुराने और जर्जर हाईटेंशन तारों पर दिया है जो पूर्व में अग्निकांड, शार्टसर्किट को अंजाम दे चुके हैं। एनएचएआई के मुताबिक स्ट्रीट लाइट लगाने में करीब 20 करोड़ खर्च हुए हैं। शिकायत के बाद भी एनएचएआई का मेंटनेस अनुभाग ध्यान नहीं दे रहा है। स्ट्रीट लाइट लगने और जलने से उम्मीद जगी थी कि राजमार्ग पर होने वाले हादसों, अनहोनियों से अब मुक्ति मिलेगी उस पर भी ग्रहण लग रहा है। पीडी एनएन एके राय ने कहा कि कुछ स्थानों पर लाइट को जलाने के लिए कनेक्शन कराकर चालू की गई है और कार्य चल रहा है। जहां लाइट नहीं जल रही हैं जांच कराकर खराबी दूर करा दी जाएगी।
विज्ञापन
सुधार कराएं, अन्यथा होगा आंदोलन
कौलापुर। क्षेत्र के मदनपुर, कौलापुर गांव निवासी शशिकांत तिवारी, मोनू उपाध्याय, रमेश यादव, पंकज मिश्रा ने एनएचएआई के अधिकारियों को चेतावनी दिया कि अविलंब बुझी स्ट्रीट लाइट की जांच नहीं हुई तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
विज्ञापन