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स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित है 15 हजार की आबादी
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:21 AM IST
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औराई। शिक्षा, स्वास्थ्य पर सरकार भले ही साल में करोड़ों-अरबों खर्च कर रही है लेकिन जिलेे का एक ऐसा भी न्याय पंचायत है जहां के लोगों को सरकारी सुविधा पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। समधा न्याय पंचायत के करीब आठ गांव की 15 हजार आबादी उपचार कराने के लिए 15 किमी से अधिक दूर जाती है या झोलाछाप के चक्कर में फंसकर परेशान होती है। औराई विकास खंड के एक छोर पर स्थित समधा ताल न्याय पंचायत आठ गांवों से जुड़ा है। यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो जच्चा-बच्चा केंद्र है और न ही पीएचसी। यहां से सीएचसी औराई की दूरी करीब 15 तो जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर 20 किमी है। यह सभी गांव जुलाई से अक्टूबर तक करीब चार माह पानी से घिरे रहते हैं। इससे अक्सर यहां के लोग डायरिया, टाइफाइड और आंख की बीमारी से परेशान रहते हैं। इन इलाकों में झोलाछाप अपनी दुकान लगाते हैं जहां उपचार कराने के लिए आने वाले लोगों को फायदा मिलने के बजाए नुकसान ही उठाना पड़ता है। रात में अगर कोई बीमार हो जाता है तो बेहतर उपचार कराने के लिए लोगों को परेशान होना पड़ता है। बदहाल सड़कों से होकर सीएचसी औराई या भदोही के निजी अस्पताल पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इलाके समधा खास,दवनपुर, उचितपुर, भरथपुर, बनपुरवां, बेजवां, दत्तीपुर, खेतलपुर आदि गांव के लोग परेशानी से जूझते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतीश सिंह ने कहा कि जिले में ज्यादातर न्याय पंचायतो में स्वास्थ्य सुविधाएं मिल चुकी है। गिने-चुने कुुछ न्याय पंचायत बचे हैं। इन स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा।
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