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अपने-अपने समीकरण में सभी विजेता
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ज्ञानपुर। वोटरों का मिजाज चाहे जो हो। सियासी बयार जिधर भी बह ले, कोई फर्क नहीं पड़ता...। भदोही लोकसभा क्षेत्र के सियासी संग्राम में उतरे सभी प्रत्याशी चुनाव जीत रहे हैं। बड़े दलों और नामचीन प्रत्याशियों की तो बात ही छोड़िए, छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवार भी जीत पक्की मानकर चल रहे हैं। इस बार के चुनाव में प्रत्याशियों और दलों के दावे ऐसा संकेत दे रहे हैं। ऐसे माहौल में चुनाव दिलचस्प हो गया है।
भाजपा प्रत्याशी खुद को मोदी लहर पर सवार मान रहे हैं। इसके अलावा जातिगत आंकड़ों के बूते जीत तय है। पार्टी के लोगों का मानना है कि जनता को बेहतर विकल्प चाहिए। यह केवल भाजपा ही दे सकती है। उधर सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी की जीत दोनों दलों के लोगों ने पहले ही तय कर रखी है। गणित यह है कि सपा और बसपा के कैडर वोट बैंक ही जुड़ जाएंगे तो दो लाख से अधिक का अंतर मिल जाएगा। सपा जिलाध्यक्ष मो. आरिफ सिद्दीकी और बसपा जिलाध्यक्ष राजेश गौतम कहते हैं कि वोट बैंक की ताकत के बूते हम बहुत बड़े अंतर से जीत रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी और समर्थक भी जीत पक्की मानते हैं। उनका कहना है कि पिछड़ा वर्ग हमारे साथ है। इसके दम पर प्रत्याशी जीत हासिल कर लेंगे। इसके अलावा कांग्रेस के बुनियादी वोट कहीं नहीं जाएंगे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा कहती हैं कि कांग्रेस बहुत मजबूती से जीतने के लिए लड़ रही है। छोटे दलों और निर्दलियों का कहना है कि जनता ने सभी दलों को देख लिया है। कहीं से कुछ नहीं मिला। अब परिवर्तन होना चाहिए। इसलिए उनकी जीत पक्की है। उधर जनता खामोशी के मोड में हैं। हालांकि नजर सभी योद्धाओं पर है। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि इन तमाम दावों के बीच जनता का आशीर्वाद किसे मिलता है।
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भाजपा प्रत्याशी खुद को मोदी लहर पर सवार मान रहे हैं। इसके अलावा जातिगत आंकड़ों के बूते जीत तय है। पार्टी के लोगों का मानना है कि जनता को बेहतर विकल्प चाहिए। यह केवल भाजपा ही दे सकती है। उधर सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी की जीत दोनों दलों के लोगों ने पहले ही तय कर रखी है। गणित यह है कि सपा और बसपा के कैडर वोट बैंक ही जुड़ जाएंगे तो दो लाख से अधिक का अंतर मिल जाएगा। सपा जिलाध्यक्ष मो. आरिफ सिद्दीकी और बसपा जिलाध्यक्ष राजेश गौतम कहते हैं कि वोट बैंक की ताकत के बूते हम बहुत बड़े अंतर से जीत रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी और समर्थक भी जीत पक्की मानते हैं। उनका कहना है कि पिछड़ा वर्ग हमारे साथ है। इसके दम पर प्रत्याशी जीत हासिल कर लेंगे। इसके अलावा कांग्रेस के बुनियादी वोट कहीं नहीं जाएंगे। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा कहती हैं कि कांग्रेस बहुत मजबूती से जीतने के लिए लड़ रही है। छोटे दलों और निर्दलियों का कहना है कि जनता ने सभी दलों को देख लिया है। कहीं से कुछ नहीं मिला। अब परिवर्तन होना चाहिए। इसलिए उनकी जीत पक्की है। उधर जनता खामोशी के मोड में हैं। हालांकि नजर सभी योद्धाओं पर है। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि इन तमाम दावों के बीच जनता का आशीर्वाद किसे मिलता है।
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