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करोड़ों गटक गए रेलवे ठेकेदार,नहीं लग सका इंटरलाकिंग
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ज्ञानपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के मडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेल खंड पर चौड़ीकरण हुए करीब आठ साल गुजर गए पर स्टेशनों के पूर्वी और पश्चिमी छोर बने गेट को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की हालत अभी तक नहीं सुधर सकी। परिवर्तन योजना में लगे ठेकेदारों ने करोड़ों रुपये का काम पूरा करना दिखा दिया। बावजूद इसके वाराणसी जोन को भनक तक नहीं लगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार को लेकर जहां तमाम सख्ती कर रहे हैं, वहीं रेलवे के ठेकेदारों की मनमानी कम नहीं हो रही है। मडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेल खंड रूट को छोटी लाइन से बड़ी लाइन में परिवर्तित करते समय ही दोनों छोर पर स्थापित होने वाले समपार गेट को करोड़ों रुपये की लागत से इंटरलाकिंग मार्ग से भी जोड़ने की योजना बनी थी। इस क्रम में लगे ठेकेदारों ने मात्र मिट्टी डलवाकर छोड़ दिया। बीच-बीच में मामला गरमाते ही ज्ञानपुररोड, भीटी, हंडिया स्टेशनों से जुड़े मार्गों पर नाममात्र की व्यवस्था कर दी गई, वह भी बरसात के दिनों में धंस कर रह गई। इधर छूटे स्टेशनों जंगीगंज, अहिमनुपर, माधोसिंह, कटका, कछवां में होने वाले कार्य अब तक अधूरे पड़े हैं, जबकि अधूरे पड़े मार्गों से ग्रामीण अंचलों के दर्जनों गांव भी जुड़ते हैं। जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन भी होता है। वहीं दिन हो या रात गेटों पर कार्यरत रेल कर्मचारियों को भी बारहों माह परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मामला सही निकला तो होगी कार्रवाई
ज्ञानपुर। वाराणसी जोन के पीआरओ अशोक कुमार ने कहा कि उन्हें ऐसी कहीं से शिकायत नहीं मिली। उनके आने के पूर्व का मामला है, दिखवाने पर सही मिलने पर ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार को लेकर जहां तमाम सख्ती कर रहे हैं, वहीं रेलवे के ठेकेदारों की मनमानी कम नहीं हो रही है। मडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रेल खंड रूट को छोटी लाइन से बड़ी लाइन में परिवर्तित करते समय ही दोनों छोर पर स्थापित होने वाले समपार गेट को करोड़ों रुपये की लागत से इंटरलाकिंग मार्ग से भी जोड़ने की योजना बनी थी। इस क्रम में लगे ठेकेदारों ने मात्र मिट्टी डलवाकर छोड़ दिया। बीच-बीच में मामला गरमाते ही ज्ञानपुररोड, भीटी, हंडिया स्टेशनों से जुड़े मार्गों पर नाममात्र की व्यवस्था कर दी गई, वह भी बरसात के दिनों में धंस कर रह गई। इधर छूटे स्टेशनों जंगीगंज, अहिमनुपर, माधोसिंह, कटका, कछवां में होने वाले कार्य अब तक अधूरे पड़े हैं, जबकि अधूरे पड़े मार्गों से ग्रामीण अंचलों के दर्जनों गांव भी जुड़ते हैं। जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन भी होता है। वहीं दिन हो या रात गेटों पर कार्यरत रेल कर्मचारियों को भी बारहों माह परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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मामला सही निकला तो होगी कार्रवाई
ज्ञानपुर। वाराणसी जोन के पीआरओ अशोक कुमार ने कहा कि उन्हें ऐसी कहीं से शिकायत नहीं मिली। उनके आने के पूर्व का मामला है, दिखवाने पर सही मिलने पर ठेकेदारों पर कार्रवाई होगी।
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