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बने 144 आवास, पर आवंटित नहीं
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ज्ञानपुर। गरीबों को आशियाना मुहैया कराने के लिए सुरियावां में करीब सवा दो करोड़ की लागत से बने 144 कांशीराम आवास आठ साल से शोपीस बने हुए हैं। इनका आवंटन नहीं हो सका, क्योंकि यहां पर बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं ही नहीं हैं।
बसपा सरकार में शहरी गरीबों को आवास मुहैया कराने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने कांशीराम की स्मृति में मान्यवर कांशीराम शहरी निर्बल आवास योजना लागू की थी। उस दौरान ज्ञानपुर नगर के कंसापुर क्षेत्र में करीब 29 करोड़ की लागत से करीब 1500 आवास, भदोही नगर में करीब 500 आवास बने और आवंटित भी हो गए। तीसरे चरण में सुरियावां में डेढ़ लाख प्रति आवास की दर से 144 आवासों को सवा दो करोड़ खर्च कर कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद ने बनाया। वर्ष 2011-12 में आवास बनकर तैयार हो गए, लेकिन उसी दौरान सत्ता परिवर्तन होने से सूबे में सपा की सरकार आ गई। आवास बनने के बाद वहां विद्युतीकरण, पेयजल टंकी आदि सुविधा नहीं दी गई। करीब आठ साल से अधिक का समय गुजरा पर अब तक किसी ने उसकी सुधि नहीं ली और उन आवासों का आवंटन नहीं हो सका। सुरियावां नगर से करीब दो किमी दूर वीरान में बने हैं।
इनसेट
मूलभूत सुविधाएं न होने से दिक्कत
ज्ञानपुर। सुरियावां के अभिया रोड के किनारे बनकर तैयार कांशीराम आवास के आवंटन के पीछे मूलभूत सुविधाएं न होना माना जा रहा है। 2012 में सपा सरकार बनने के बाद पैसा न आने से बिजली, पानी समेत कई जरूरी सुविधाएं पूर्ण नहीं हो सकी। जिससे 144 आवासों का आवंटन पूर्ण नहीं हो सका। उसके बाद 2017 में भाजपा की सरकार बनी। सपा में लोहिया आवासों पर प्रशासन का फोकस रहा तो भाजपा में प्रधानमंत्री आवासों पर ही ध्यान दिया जा रहा है। योजना में 21 लोगों को आवंटन हुआ पर सुविधाएं न होने से वह उक्त स्थल पर निवास नहीं करते।
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इनसेट
सुरियावां में बने 144 आवासों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। वहां रहने वाले लोगों के लिए कुछ समस्याएं आ रही हैं। वहां की बुनियादी समस्याएं दूर कर आवास आवंटित किया जाएगा।
राम सिंह वर्मा, एडीएम भदोही
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बसपा सरकार में शहरी गरीबों को आवास मुहैया कराने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने कांशीराम की स्मृति में मान्यवर कांशीराम शहरी निर्बल आवास योजना लागू की थी। उस दौरान ज्ञानपुर नगर के कंसापुर क्षेत्र में करीब 29 करोड़ की लागत से करीब 1500 आवास, भदोही नगर में करीब 500 आवास बने और आवंटित भी हो गए। तीसरे चरण में सुरियावां में डेढ़ लाख प्रति आवास की दर से 144 आवासों को सवा दो करोड़ खर्च कर कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद ने बनाया। वर्ष 2011-12 में आवास बनकर तैयार हो गए, लेकिन उसी दौरान सत्ता परिवर्तन होने से सूबे में सपा की सरकार आ गई। आवास बनने के बाद वहां विद्युतीकरण, पेयजल टंकी आदि सुविधा नहीं दी गई। करीब आठ साल से अधिक का समय गुजरा पर अब तक किसी ने उसकी सुधि नहीं ली और उन आवासों का आवंटन नहीं हो सका। सुरियावां नगर से करीब दो किमी दूर वीरान में बने हैं।
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मूलभूत सुविधाएं न होने से दिक्कत
ज्ञानपुर। सुरियावां के अभिया रोड के किनारे बनकर तैयार कांशीराम आवास के आवंटन के पीछे मूलभूत सुविधाएं न होना माना जा रहा है। 2012 में सपा सरकार बनने के बाद पैसा न आने से बिजली, पानी समेत कई जरूरी सुविधाएं पूर्ण नहीं हो सकी। जिससे 144 आवासों का आवंटन पूर्ण नहीं हो सका। उसके बाद 2017 में भाजपा की सरकार बनी। सपा में लोहिया आवासों पर प्रशासन का फोकस रहा तो भाजपा में प्रधानमंत्री आवासों पर ही ध्यान दिया जा रहा है। योजना में 21 लोगों को आवंटन हुआ पर सुविधाएं न होने से वह उक्त स्थल पर निवास नहीं करते।
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सुरियावां में बने 144 आवासों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। वहां रहने वाले लोगों के लिए कुछ समस्याएं आ रही हैं। वहां की बुनियादी समस्याएं दूर कर आवास आवंटित किया जाएगा।
राम सिंह वर्मा, एडीएम भदोही