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आदेश के बाद भी शिक्षक रहे गैरहाजिर
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:05 AM IST
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ज्ञानपुर। शीतलहर के चलते दो दिन तक परिषदीय स्कूलों में बच्चों की तो छुट्टी थी, मगर शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थित रहने का आदेश दिया गया था। फिर भी कुछ विद्यालय खुले हीं नहीं, जो खुले उसमें भी शिक्षकों की उपस्थिति नाममात्र ही रही। जिलाधिकारी के आदेश की जमकर अवहेना की गई।
जिले बढ़ी ठंड के चलते जिलाधिकारी विशाख जी ने 21 और 22 दिसंबर को कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया था। आदेश में कहा गया था कि परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय खुले रहेंगे। सभी शिक्षक विद्यालय में मौजूद रहेंगे। केवल बच्चों की छुट्टी रहेगी। इस आदेश के बाद भी 20 से अधिक परिषदीय विद्यालयों पर शुक्रवार को ताला लटकता रहा। ये विद्यालय खुले ही नहीं। जो विद्यालय खुले भी उनमें शिक्षकों की उपस्थिति बहुत कम रही। आदेश की अवहेलना कर शिक्षक भी बच्चों की तरह छुट्टिया मनाते रहे। प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मगर शिक्षक सरकार के प्रयासों को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिससे बेपटरी हो चुकी शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने से कतरा रहे हैं। जिसका फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं।
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जिले बढ़ी ठंड के चलते जिलाधिकारी विशाख जी ने 21 और 22 दिसंबर को कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया था। आदेश में कहा गया था कि परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय खुले रहेंगे। सभी शिक्षक विद्यालय में मौजूद रहेंगे। केवल बच्चों की छुट्टी रहेगी। इस आदेश के बाद भी 20 से अधिक परिषदीय विद्यालयों पर शुक्रवार को ताला लटकता रहा। ये विद्यालय खुले ही नहीं। जो विद्यालय खुले भी उनमें शिक्षकों की उपस्थिति बहुत कम रही। आदेश की अवहेलना कर शिक्षक भी बच्चों की तरह छुट्टिया मनाते रहे। प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मगर शिक्षक सरकार के प्रयासों को पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिससे बेपटरी हो चुकी शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही है। अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने से कतरा रहे हैं। जिसका फायदा निजी स्कूल उठा रहे हैं।
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