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अब सभी सीएचसी पर मिलेगी एचआईवी जांच सुविधा
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:39 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। एचआईवी/एड्स के मरीजों की पहचान के लिए अब जिले के हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जांच की सुविधा मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता की कमी के चलते जांच से वंचित हो रहे मरीजों को चिह्नित करने के लिए यह सुविधा शुरू की जा रही है। इससे जिला अस्पताल के अलावा जिले के आधा दर्जन सीएचसी पर एचआईवी/एड्स जांच की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। यह पहल राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की ओर से की गई है।
राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की ओर से एड्स की जांच के लिए प्रत्येक जिले के जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) खोले गए हैं। सेंटर पर प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं और टीबी मरीजों की एचआईवी अनिवार्य रूप से जांच की जाती है। इसी से जिले में एड्स के मरीजों को चिह्नित किया जाता है। जबकि जिले के सीएचसी और पीएचसी में प्रसव से पूर्व महिलाओं की जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में एड्स के मरीजों की जांच नहीं हो पाती। समस्या का निदान करने के लिए सोसाइटी ने नई पहल की है। इसके तहत, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी आईसीटीसी खोले जाएंगे। इसके लिए सीएचसी के लैब टेक्निशियन और एएनएम को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इस महीने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआईवी जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी। जिला अस्पताल आईसीटीसी के काउंसलर डॉ. फुजैल अशरफ को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है।
स्क्रीनिंग में पॉजिटिव मिलने पर किए जाएंगे रेफर
ज्ञानपुर। महराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के आईसीटीसी के काउंसलर डॉ. अशरफ ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण हो चुका है। इस माह से ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एफआईसीटीसी को सक्रिय कर देना है। तैयारी लगभग पूरी है और इसी महीने इसे चालू कर दिया जाएगा। बताया कि सीएचसी में तैनात होने वाले कर्मचारी गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच करेंगे। स्क्रीनिंग में लक्षण दिखने पर जिला अस्पताल रेफर कर देंगे। इसके बाद आईसीटीसी की जिम्मेदारी हो जाएगी।
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गर्भवती महिलाओं की जांच से मिलते हैं मरीज
ज्ञानपुर। यूं तो एड्स को लेकर कई जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी कोई व्यक्ति सामान्य ढंग से आईसीटीसी में जांच कराने नहीं जाता है। ऐसे में प्रत्येक गर्भवती स्त्री की प्रसव पूर्व एड्स जांच से मरीज सामने आ जाते हैं। यदि महिला पीड़ित है तो प्राय: उसके पति और बच्चे भी पीड़ित होते हैं।
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राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की ओर से एड्स की जांच के लिए प्रत्येक जिले के जिला अस्पताल में इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर (आईसीटीसी) खोले गए हैं। सेंटर पर प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं और टीबी मरीजों की एचआईवी अनिवार्य रूप से जांच की जाती है। इसी से जिले में एड्स के मरीजों को चिह्नित किया जाता है। जबकि जिले के सीएचसी और पीएचसी में प्रसव से पूर्व महिलाओं की जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र में एड्स के मरीजों की जांच नहीं हो पाती। समस्या का निदान करने के लिए सोसाइटी ने नई पहल की है। इसके तहत, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी आईसीटीसी खोले जाएंगे। इसके लिए सीएचसी के लैब टेक्निशियन और एएनएम को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इस महीने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआईवी जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी। जिला अस्पताल आईसीटीसी के काउंसलर डॉ. फुजैल अशरफ को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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स्क्रीनिंग में पॉजिटिव मिलने पर किए जाएंगे रेफर
ज्ञानपुर। महराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के आईसीटीसी के काउंसलर डॉ. अशरफ ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण हो चुका है। इस माह से ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एफआईसीटीसी को सक्रिय कर देना है। तैयारी लगभग पूरी है और इसी महीने इसे चालू कर दिया जाएगा। बताया कि सीएचसी में तैनात होने वाले कर्मचारी गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच करेंगे। स्क्रीनिंग में लक्षण दिखने पर जिला अस्पताल रेफर कर देंगे। इसके बाद आईसीटीसी की जिम्मेदारी हो जाएगी।
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गर्भवती महिलाओं की जांच से मिलते हैं मरीज
ज्ञानपुर। यूं तो एड्स को लेकर कई जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी कोई व्यक्ति सामान्य ढंग से आईसीटीसी में जांच कराने नहीं जाता है। ऐसे में प्रत्येक गर्भवती स्त्री की प्रसव पूर्व एड्स जांच से मरीज सामने आ जाते हैं। यदि महिला पीड़ित है तो प्राय: उसके पति और बच्चे भी पीड़ित होते हैं।