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शनि का धाम
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:27 AM IST
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ज्ञानपुर। शनि आमवस्या के अवसर पर शनिवार को फकीरपुर स्थित शनिधाम पर विशेष पूजा अनुष्ठान का आयोजन किया गया है। भोर में चार बजे से शुरू होकर पूजा-पाठ का सिलसिला देर रात 11 बजे तक चलेगा। इसके लिए मंदिर पर तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
शनिदेव की जन्मतिथि आमवस्या को मानी जाती है। सिद्धपीठ शनिधाम फकीरपुर के संस्थापक पं. कृष्णानंद पांडेय के मुताबिक जब शनिवार को आमवस्या तिथि पड़ती है तो इसे शनि आमवस्या कहा जाता है। शनिवार 24 जून को यह खास संयोग बन रहा है। शनि की साढ़े साती, ढैया, दशा दृष्टि एवं अन्य शनि संताप से राहत के लिए शनि आमवस्या के दिन शनिदेव का विशेष अनुष्ठान करना चाहिए। इस दिन छायादान, तुलादान आदि किया जाता है। कहते हैं कि शनि आमवस्या को शनि पूजन अन्य शनिवार के पूजन की तुलना में 100 गुना अधिक फलदायी होता है। शनि आमवस्या के निमित्त शनिधाम परिसर को विद्युत प्रकाश, झालर आदि से सजाया गया है। इस दिन शनि की आरती और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया है।
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शनिदेव की जन्मतिथि आमवस्या को मानी जाती है। सिद्धपीठ शनिधाम फकीरपुर के संस्थापक पं. कृष्णानंद पांडेय के मुताबिक जब शनिवार को आमवस्या तिथि पड़ती है तो इसे शनि आमवस्या कहा जाता है। शनिवार 24 जून को यह खास संयोग बन रहा है। शनि की साढ़े साती, ढैया, दशा दृष्टि एवं अन्य शनि संताप से राहत के लिए शनि आमवस्या के दिन शनिदेव का विशेष अनुष्ठान करना चाहिए। इस दिन छायादान, तुलादान आदि किया जाता है। कहते हैं कि शनि आमवस्या को शनि पूजन अन्य शनिवार के पूजन की तुलना में 100 गुना अधिक फलदायी होता है। शनि आमवस्या के निमित्त शनिधाम परिसर को विद्युत प्रकाश, झालर आदि से सजाया गया है। इस दिन शनि की आरती और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया है।
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