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16 तालिबे इल्म की दस्तार बंदी
भदोही/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Fri, 06 May 2016 01:40 AM IST
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मदरसा
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नगर के मर्यादपट्टी स्थित मदरसा शमसिया तेगिया के 16 तालिबे इल्म (विद्यार्थियों) को बुधवार की रात मदरसे में दस्तार फरागत से नवाजा गया। इस मौके पर आयोजित जलसे में मौलाना जावेद जयपूरी ने कहा कि इल्म वह चीज है जो आपको जिंदगी में आगे बढ़ाती है। उन्होंने मां-बाप से अपने बच्चों को इल्म से रौशन करने की अपील भी की।
मौलाना ने कहा कि दीन की दौलत की कोई बराबरी नहीं है। यह वह दौलत है, जिससे दुनिया के साथ साथ आपकी आखेरत भी संवरती है।
कहा कि धीरे धीरे मुस्लिम समाज में भी इल्म के प्रति बेदारी आ रही है। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले छात्रों से कहा कि मुखातिब होकर कहा कि इल्म हासिल करने का अंत नहीं है। सबसे अच्छी खिदमत वह है, जिससे दीन की खिदमत हो।
मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना फैसल अशर्फी ने बताया कि मो. मेराज और मो.वसीम रजा (आलिम), अफजल, गुलाम सरवर, नवाज, बेलाल अहमद, जिशान अहमद, अलमास और मुजाहिद (सभी हाफिज), मो.कौसर रजा, मो.इरशाद आलम, महताब आलम, राहत हुसैन, मो.मेराज व मो.वसीम रजा (कारी) की दस्तार की गई। इस मौके पर उनके सर पर इमाम शरीफ बांध कर उनका इस्तकबाल किया गया। निजामत मौ.फरीद रजा और सदारत मौ.खुर्शीद अशर्फी ने की।
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आगाज हाफिज गुलाम सरवर के कलामे पाक के तिलावत से हुआ। मौ. जावेद, मौ. जिकरुल्लाह, मुफ्ती इस्माईलुल कादरी, हाफिज फतेह मोहम्मद, हाजी मुनीर अहमद, हाजी नुरुल हक, हाफिज तबरेज, हाफिज परवेज अच्छे, मेराज अंसारी, मो.अकरम रजा, हाफिज इमरान, हाफिज अनस आदि रहे।
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मौलाना ने कहा कि दीन की दौलत की कोई बराबरी नहीं है। यह वह दौलत है, जिससे दुनिया के साथ साथ आपकी आखेरत भी संवरती है।
कहा कि धीरे धीरे मुस्लिम समाज में भी इल्म के प्रति बेदारी आ रही है। उन्होंने डिग्री हासिल करने वाले छात्रों से कहा कि मुखातिब होकर कहा कि इल्म हासिल करने का अंत नहीं है। सबसे अच्छी खिदमत वह है, जिससे दीन की खिदमत हो।
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मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना फैसल अशर्फी ने बताया कि मो. मेराज और मो.वसीम रजा (आलिम), अफजल, गुलाम सरवर, नवाज, बेलाल अहमद, जिशान अहमद, अलमास और मुजाहिद (सभी हाफिज), मो.कौसर रजा, मो.इरशाद आलम, महताब आलम, राहत हुसैन, मो.मेराज व मो.वसीम रजा (कारी) की दस्तार की गई। इस मौके पर उनके सर पर इमाम शरीफ बांध कर उनका इस्तकबाल किया गया। निजामत मौ.फरीद रजा और सदारत मौ.खुर्शीद अशर्फी ने की।
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आगाज हाफिज गुलाम सरवर के कलामे पाक के तिलावत से हुआ। मौ. जावेद, मौ. जिकरुल्लाह, मुफ्ती इस्माईलुल कादरी, हाफिज फतेह मोहम्मद, हाजी मुनीर अहमद, हाजी नुरुल हक, हाफिज तबरेज, हाफिज परवेज अच्छे, मेराज अंसारी, मो.अकरम रजा, हाफिज इमरान, हाफिज अनस आदि रहे।