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सौभाग्य का बंटाधार करने वालों की बढेगी मुश्किलें
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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर-घर बिजली पहुंचाने की मुहिम को जिले में कार्यदायी संस्था और ठेकेदारों ने बेपटरी कर दिया है। करीब तीन से चार साल बाद भी सैकड़ों गांवों में कनेक्शन तक नहीं हो सका है। जिले के सैकड़ों गांवों में तमाम घरों के सामने मीटर टांगने के बाद ठेकेदार कनेक्शन देना भूल कर लापता हो गए हैं।
सौभाग्य योजना के तहत हर घर को रोशन करने के नाम पर विद्युत वितरण निगम ने ग्रामीणों के साथ मजाक किया है। लोकसभा चुनाव से पहले सरकार की वाहवाही लूटने के लिए घरों के बाहर मीटर तो लगा दिए गए, लेकिन बिजली कनेक्शन अब तक नहीं दिया गया। खंभों पर केबल कम, कटिया ज्यादा नजर आती हैं। जहां केबल है भी, वह अधूरा छोड़ दिया गया है। मेन लाइन से जुड़ी न होने के कारण इसमें करेंट ही नहीं है। डीघ ब्लॉक के तमाम उपभोक्ता आज भी कनेक्शन के लिए परेशान हैं। अधिकृत ठेकेदार अपनी ओर से काम पूरा कर गांव छोड़ चुके हैं, जबकि फुलवरिया, उपरवार, डीघ, सदाशिवपट्टी, जगापुर, केवटाही समेत 80 से अधिक ऐसे मजरे हैं, जहां घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंच सका है। कहीं उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन मीटर चालू नहीं हुए तो कहीं आधार लेने के बाद भी मीटर नहीं लग सके। डीघ ब्लॉक के मनोहरपुर गांव की दलित बस्ती निवासी मुन्नूलाल गौतम, मुरलीधर गौतम, विश्वंभर गौतम आदि इसको लेकर परेशान हैं। फुलवरिया उपरवार गांव निवासी लालजी यादव, लालचंद यादव, रामराज, लालमणि पाल, चिंतामणि पाल, अमरनाथ यादव के घर भी कनेक्शन मीटर कई माह पहले बिना लगाए रख कर चले गए। डीघ जिले का इकलौता ब्लॉक नहीं है। सुरियावां, भदोही, ज्ञानपुर, औराई ब्लॉकों के कई गांवों में भी यही स्थिति बनी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्तमान में जिले में करीब दो लाख बिजली के उपभोक्ता हैं, जिनमें 67 हजार उपभोक्ता सौभाग्य के शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो करीब ढाई से तीन हजार घरों में अब तक बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी है। इस संबंध में एक्सईएन अमर सिंह ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत जहां मीटर लगाया गया है, उनमें से ज्यादातर लोग बिजली का उपयोग कर रहे हैं। केवल मीटर को केबिल से जोड़ कर कनेक्शन देना बाकी है। यह काम कराया जा रहा है। जल्द ही सभी को कनेक्शन मिल जाएगा।
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सौभाग्य योजना के तहत हर घर को रोशन करने के नाम पर विद्युत वितरण निगम ने ग्रामीणों के साथ मजाक किया है। लोकसभा चुनाव से पहले सरकार की वाहवाही लूटने के लिए घरों के बाहर मीटर तो लगा दिए गए, लेकिन बिजली कनेक्शन अब तक नहीं दिया गया। खंभों पर केबल कम, कटिया ज्यादा नजर आती हैं। जहां केबल है भी, वह अधूरा छोड़ दिया गया है। मेन लाइन से जुड़ी न होने के कारण इसमें करेंट ही नहीं है। डीघ ब्लॉक के तमाम उपभोक्ता आज भी कनेक्शन के लिए परेशान हैं। अधिकृत ठेकेदार अपनी ओर से काम पूरा कर गांव छोड़ चुके हैं, जबकि फुलवरिया, उपरवार, डीघ, सदाशिवपट्टी, जगापुर, केवटाही समेत 80 से अधिक ऐसे मजरे हैं, जहां घरों तक कनेक्शन नहीं पहुंच सका है। कहीं उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन मीटर चालू नहीं हुए तो कहीं आधार लेने के बाद भी मीटर नहीं लग सके। डीघ ब्लॉक के मनोहरपुर गांव की दलित बस्ती निवासी मुन्नूलाल गौतम, मुरलीधर गौतम, विश्वंभर गौतम आदि इसको लेकर परेशान हैं। फुलवरिया उपरवार गांव निवासी लालजी यादव, लालचंद यादव, रामराज, लालमणि पाल, चिंतामणि पाल, अमरनाथ यादव के घर भी कनेक्शन मीटर कई माह पहले बिना लगाए रख कर चले गए। डीघ जिले का इकलौता ब्लॉक नहीं है। सुरियावां, भदोही, ज्ञानपुर, औराई ब्लॉकों के कई गांवों में भी यही स्थिति बनी है। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्तमान में जिले में करीब दो लाख बिजली के उपभोक्ता हैं, जिनमें 67 हजार उपभोक्ता सौभाग्य के शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो करीब ढाई से तीन हजार घरों में अब तक बिजली की आपूर्ति नहीं हो सकी है। इस संबंध में एक्सईएन अमर सिंह ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत जहां मीटर लगाया गया है, उनमें से ज्यादातर लोग बिजली का उपयोग कर रहे हैं। केवल मीटर को केबिल से जोड़ कर कनेक्शन देना बाकी है। यह काम कराया जा रहा है। जल्द ही सभी को कनेक्शन मिल जाएगा।
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