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जिले का 15 किमी क्षेत्र कछुआ सेंचुरी आरक्षित

Tue, 27 Jul 2021 11:15 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Jul 2021 11:15 PM IST
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15 km area of district turtle century reserve
सीतामढ़ी गंगा घाट पर कछुआ छोड़ते प्रयागराज रेंज के अधिकारी। संवाद - फोटो : BHADOHI
सीतामढ़ी। भदोही जिले के डीघ ब्लॉक के कोनिया क्षेत्र के अरई करवंधिया से लेकर बारीपुर तक के गंगा घाट अब कछुआ सेंचुरी में संरक्षित हो गए हैं। वन विभाग हंडिया प्रयागराज रेंज और घड़ियाल पुनर्वास केंद्र कुकरैल लखनऊ ने इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। मंगलवार को जनपद के पर्यटन स्थल सीतामढ़ी के गंगा नदी में उक्त दोनों विभागों ने 12 प्रजाति के 462 कछुए गंगा मे छोड़ें। जिनमे 12 बड़े और 450 छोटे कछुए शामिल किए गए हैं। हल्दिया से वाराणसी तक बनने वाले जलमार्ग को लेकर दो-तीन साल पूर्व से ही वाराणसी के रामनगर स्थित कछुआ सेंक्चुरी को स्थानांतरित करने का प्रयास किया जा रहा था। राज्यपाल की मुहर लगने के बाद अब वह भदोही, प्रयागराज जिलों के 30 किमी परिक्षेत्र में शिफ्ट हो गया है। सारनाथ वाराणसी से हटा कर प्रयागराज के कोठारी गंगा घाट को कछुआ सेंचुरी का सेंटर बनाया गया है। कोठारी गंगा घाट से 30 किलोमीटर के दायरे में कछुआ सेंचुरी क्षेत्र घोषित किया गया है। जिसमें भदोही जनपद के 15 किलोमीटर गंगा क्षेत्र तथा मिर्जापुर और प्रयागराज जनपद के कई गंगा घाटों को शामिल किया गया है। भदोही जनपद के कोनिया क्षेत्र के अरई (करवंधिया) से शुरू होकर सीतामढ़ी बारीपुर गंगा के सभी घाट कछुआ सेंचुरी में शामिल हैं। बता दें कि जनपद में गंगा नदी का प्रवेश अरई (करवंधिया) गांव से होता है। अब गंगा नदी के संरक्षित क्षेत्रो में गैर वानिकी कार्यों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। कछुआ सेंचुरी क्षेत्र में गंगा नदी में जाल तक नही डाला जा सकेगा। गंगा में किसी भी तरह का शिकार, आखेट और किसी भी प्रकार का खनन संज्ञेय अपराध होगा। वन रेंज हंडिया के रेंजर संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि संरक्षित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का गैर वानिकी कार्य नही होगा। कहा कि इससे विलुप्त हो रहे कछुओं का संरक्षण होगा। कछुए गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाते हैं। कछुआ सेंचुरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार के बालू खनन या पट्टा भी नहीं हो सकेगा। इस मौके पर रेंज आफिसर हंडिया संतोष श्रीवास्तव, घड़ियाल पुनर्वास केंद्र के सुशील कुमार श्रीवास्तव, विपिन सिंह, विनोद कुमार, जाफरी, परमात्मा तिवारी, अल्पेश कुमार, रमेश यादव आदि रहे।
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