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Bhadohi News: खंडहर हो गए 144 आवास, खिड़की और दरवाजे तक उखाड़ ले गए अराजक, रहने लायक भी नहीं

Sun, 25 Jan 2026 02:28 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jan 2026 02:28 AM IST
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144 houses have been reduced to ruins, with vandals tearing down windows and doors, making them uninhabitable.
सुरियावां के कैड़ा में बदहाल कांशीराम आवास। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सुरियावां। ब्लॉक के कैड़ा गांव में साल 2010 में तीन करोड़ की लागत से बने 144 आवास 15 साल में रहने लायक नहीं बचे। अराजक तत्व खिड़की दरवाजे तक उठा ले गए। बेघर जहां आवास की उम्मीद लगाए हैं वहीं आवास खंडहर बन चुके हैं।
इन आवासों कोई एक दिन भी नहीं रहा। इसका कारण सुविधाओं का न होना है। अधिकतर आवासों में न खिड़कियां बचीं और न ही दरवाजे। बिजली और पानी की भी समस्या है।
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परिसर में घास और झाड़ियां उग आई हैं। सिस्टम की लापरवाही के चलते इनका आवंटन आज तक नहीं हो सका। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में शहरी गरीबों को आवास मुहैया कराने के लिए कांशीराम योजना के तहत आवास बनवाए।
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वर्ष 2008-09 में करीब 27 करोड़ रुपये से ज्ञानपुर के कंसापुर में 1500 आवास का निर्माण किया गया।
उनका आवंटन भी हो गया। वर्ष 2010-11 में सुरियावां नगर पंचायत से करीब तीन किमी दूर कैड़ा गांव की सीमा पर तीन करोड़ रुपये की लागत से 144 आवास और बनाए गए। कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद ने इसका निर्माण किया, लेकिन पेयजल व्यवस्था, विद्युतीकरण एवं कुछ आवासों में खिड़कियां आदि नहीं लगवाई गईं।

वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनने पर आवंटन लटक गया और काम पूरे नहीं हुए। पांच साल तक ध्यान नहीं दिया गया।
वर्ष 2017 में भाजपा की सरकार बनी मगर अधिकारियों ने आवासों की सुधि नहीं ली। धीरे-धीरे उन आवास के बने 15 साल हो गए। आवंटन न होने से आवास खंडहर हो गए। तमाम जरूरतमंद एक दशक से आवास आवंटित होने का इंतजार कर रहे हैं।
सरकारी पैसे खर्च होने के बाद सिस्टम की लापरवाही से यह आवास रहने लायक तक नहीं बचे।
किसी के पुरसाहाल नहीं होने के कारण आवास परिसर में हर रोज नशेड़ी और अराजकतत्व पहुंचते हैं।
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