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ग्राम विकास आयुक्त ने देखी हकीकत
Updated Fri, 30 Nov 2018 11:56 PM IST
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ज्ञानपुर। ग्राम विकास आयुक्त विकास नागेंद्र प्रताप सिंह ने कई गांवों में शुक्रवार को जिले में मनरेगा योजना के तहत हो रहे विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। उसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक कर योजनाओं के बारे में चर्चा की। जल निगम की दो पेयजल योजनाओं को दिसंबर तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
ग्राम विकास आयुक्त शुक्रवार को सुबह 11 बजे जिले में पहुंचे। इसके बाद जल संरक्षण को लेकर मनरेगा से मोरवा नदी में हो रहे कार्य को देखने के लिए कुसौली, बैरीपरवां गांव गए। बैरीपरवां में सत्यापन के दौरान मास्टर रोल को देखा। उन्होंने रोजगार सेवक, मेठ, प्रधान और डीसी मनरेगा को निर्देश दिया कि मनरेगा का भुगतान सात से आठ दिन में कराएं। उसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा के दौरान आयुक्त ने कहा कि नारी सशक्तीकरण के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन की स्थिति जिले में शून्य है। इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए। इसके बाद आरईसीटी के माध्यम से 666 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया और 69 को बैंक से फाइनेंस कराया गया। आरसीटी के अधिकारी को मुद्रा लोन से अधिक लोगों को जोड़ने का निर्देश दिया। सभी बीडीओ से कहा कि वह ब्लॉकों में कैंप लगाकर पात्रों का चयन करें। इसके बाद दो निर्माणाधीन जल निगम की परियोजनाओं को दिसंबर तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के अपात्रों से वसूली कराने, भ्रष्ट अफसरों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक लाभ पहुंचे। अधिकारी उसे ईमानदारी के साथ पूर्ण कराएं। इस मौके पर डीएम राजेंद्र प्रसाद, सीडीओ हरिशंकर सिंह, डीडीओ जयकेश त्रिपाठी, राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
ग्राम विकास आयुक्त शुक्रवार को सुबह 11 बजे जिले में पहुंचे। इसके बाद जल संरक्षण को लेकर मनरेगा से मोरवा नदी में हो रहे कार्य को देखने के लिए कुसौली, बैरीपरवां गांव गए। बैरीपरवां में सत्यापन के दौरान मास्टर रोल को देखा। उन्होंने रोजगार सेवक, मेठ, प्रधान और डीसी मनरेगा को निर्देश दिया कि मनरेगा का भुगतान सात से आठ दिन में कराएं। उसके बाद कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा के दौरान आयुक्त ने कहा कि नारी सशक्तीकरण के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन की स्थिति जिले में शून्य है। इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए। इसके बाद आरईसीटी के माध्यम से 666 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया और 69 को बैंक से फाइनेंस कराया गया। आरसीटी के अधिकारी को मुद्रा लोन से अधिक लोगों को जोड़ने का निर्देश दिया। सभी बीडीओ से कहा कि वह ब्लॉकों में कैंप लगाकर पात्रों का चयन करें। इसके बाद दो निर्माणाधीन जल निगम की परियोजनाओं को दिसंबर तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास के अपात्रों से वसूली कराने, भ्रष्ट अफसरों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक लाभ पहुंचे। अधिकारी उसे ईमानदारी के साथ पूर्ण कराएं। इस मौके पर डीएम राजेंद्र प्रसाद, सीडीओ हरिशंकर सिंह, डीडीओ जयकेश त्रिपाठी, राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
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