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चार दिवसीय कारपेट एक्सपो का समापन
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भदोही। ओखला (नई दिल्ली) में चल रहे चार दिवसीय 37वें इंडिया कारपेट एक्सपो का बुधवार को समापन हो गया। आयोजकों कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) ने दावा किया कि चार दिनों में 279 आयातकों ने हिस्सा लिया और इस दौरान 1360 इनक्वायरी हुई। इसमें 150 से 200 करोड़ रुपयों का कारोबार हुआ। बताया कि फेयर में आजरबैजान, इसराईल, कजाकिस्तान, मलेशिया, मारीशस, मोरोक्को, फिलीपिंस, कतर, रोमानिया जैसे नए देशों के बायर पहुंचे जिनसे भविष्य में भारत के निर्यातकों के लिए नए द्वार खुले हैं।
परिषद के चेयरमैन महावीर प्रताप शर्मा ने कहा कि इंडिया कारपेट एक्सपो विश्व के कालीन आयातक देशों के बायरों को आकर्षित करने में सफल रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को विश्व पटल पर एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराना है जिसमे यह सफल रहा है। चार दिन के फेयर में भारत के विभिन्न प्रांतों के 226 कालीन निर्माता और निर्यातकों ने अपने कालीनों का प्रदर्शन किया। फेयर में प्रथम उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, द्वितीय उपाध्यक्ष उमर हमीद के अलावा प्रशासनिक सदस्यों उमेश गुप्ता मुन्ना, हाजी अब्दुल रब अंसारी, राजेंद्र मिश्रा, हाजी फिरोज वजीरी, ओएन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
परिषद के चेयरमैन महावीर प्रताप शर्मा ने कहा कि इंडिया कारपेट एक्सपो विश्व के कालीन आयातक देशों के बायरों को आकर्षित करने में सफल रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों को विश्व पटल पर एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराना है जिसमे यह सफल रहा है। चार दिन के फेयर में भारत के विभिन्न प्रांतों के 226 कालीन निर्माता और निर्यातकों ने अपने कालीनों का प्रदर्शन किया। फेयर में प्रथम उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, द्वितीय उपाध्यक्ष उमर हमीद के अलावा प्रशासनिक सदस्यों उमेश गुप्ता मुन्ना, हाजी अब्दुल रब अंसारी, राजेंद्र मिश्रा, हाजी फिरोज वजीरी, ओएन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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