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करुणालय में संगोष्ठी
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भदोही। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर शुक्रवार को हरियांव स्थित करुणालय में लालन पालन पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने पर जोर देने के साथ ही उन्हें बच्चों के पालन पोषण के टिप्स दिए गए। इस मौके पर छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, गीत-संगीत, नृत्य और नाटक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
गोष्ठी की मुख्य अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी उर्मिला देवी ने महिला को करुणा, उदारता, दया और प्रेम की प्रतिमूर्ति बताते हुए महिला दिवस के उद्देश्य बताए। कहा कि यह आयोजन विश्वव्यापी है। महिलाओं की जागरूकता से ही समाज में सजगता आ सकती है। महिला ही अपने बच्चों को पाल पोष कर उन्हें समाज में खड़ा होने लायक बनाती है। उन्होंने दुनिया भर में महिलाओं की उपलब्धियों का बखान किया। राजनीति से लेकर सामाजिक जीवन में महिला उत्थान की चर्चा की।
कार्यक्रम में अति पिछड़े और निर्धन मजदूर महिलाओं की सहभागिता अधिक रही। उन्हें शिक्षा ग्रहण करने पर जोर दिया गया। उन्हें बताया गया कि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है। संगोष्ठी में सिस्टर शिखा, सिस्टर बीणा, प्रीति, रेखा, ऋचा सिंह, रविकांत भारती, शेखर यादव, निर्मल, शीला, खुशबू, पूजा, अंजलि रेशमा, रीता, कमला, मीना, मंजू, सुमित्रा आदि मौजूद रही।
गोष्ठी की मुख्य अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी उर्मिला देवी ने महिला को करुणा, उदारता, दया और प्रेम की प्रतिमूर्ति बताते हुए महिला दिवस के उद्देश्य बताए। कहा कि यह आयोजन विश्वव्यापी है। महिलाओं की जागरूकता से ही समाज में सजगता आ सकती है। महिला ही अपने बच्चों को पाल पोष कर उन्हें समाज में खड़ा होने लायक बनाती है। उन्होंने दुनिया भर में महिलाओं की उपलब्धियों का बखान किया। राजनीति से लेकर सामाजिक जीवन में महिला उत्थान की चर्चा की।
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कार्यक्रम में अति पिछड़े और निर्धन मजदूर महिलाओं की सहभागिता अधिक रही। उन्हें शिक्षा ग्रहण करने पर जोर दिया गया। उन्हें बताया गया कि अंतराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है। संगोष्ठी में सिस्टर शिखा, सिस्टर बीणा, प्रीति, रेखा, ऋचा सिंह, रविकांत भारती, शेखर यादव, निर्मल, शीला, खुशबू, पूजा, अंजलि रेशमा, रीता, कमला, मीना, मंजू, सुमित्रा आदि मौजूद रही।
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