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शादी अनुदान के 128 आवेदन मिले फर्जी
ब्यूरो, भदोही, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:29 AM IST
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गरीब बेटियों को आर्थिक मदद के लिए चलाई जा रही शादी अनुदान योजना में फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया है। एक ही मार्कशीट पर पांच से आठ शादी के आवेदन भरा गया। बिना जांच के बीडीओ और एडीओ पंचायत ने इस पर फाइनल रिपोर्ट भी लगा दी। समाज कल्याण अधिकारी के क्रास चेकिंग में 128 आवेदन फर्जी मिले। डीएम सुरेश कुमार सिंह ने डीघ के पूर्व बीडीओ आजम खां, एडीओ पंचायत समाज कल्याण और सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के शादी में सहयोग के लिए सरकार शादी अनुदान योजना चला रही है। सामान्य, ओबीसी और एससी वर्ग में शादी के बाद परिवार की ओर से आवेदन किया जाता है। जांच में सही मिलने पर 20 हजार का अनुदान दिया जाता है। वित्तीय वर्ष के छह माह में जिले के छह ब्लॉक से 1776 आवेदन किया गया।
550 आवेदनों की जांच कराई गई तो 99 आवेदक अपात्र मिले जबकि गड़बड़ी के चलते 80 आवेदन निरस्त कर दिया गया। समाज कल्याण अधिकारी की क्रास चेकिंग में 128 आवेदन फर्जी पाए गए। विभाग की माने तो फर्जी तरीके से जो 128 आवेदन भरे गए थे उसमें महिलाओं के एक-एक प्रमाणपत्र को कई आवेदन में लगाया गया था, साथ ही सफेदा लगाकर कई गड़बड़ी की गई थी। 80 फीसदी से अधिक आवेदन डीघ विकास खंड के पाए गए। एडीओ पंचायत, सेक्रेटरी और बीडीओ के स्तर से मामले की गहनता से जांच न करने के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया है।
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डीएम सुरेश कुमार सिंह ने कहा कि आवेदनों की जांच में अधिकारियों ने लापरवाही बरती है। उन्होंने पूर्व बीडीओ डीघ, एडियो पंचायत रमेश सिंह और लापरवाही की जद में आने वाले सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की।
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आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों के शादी में सहयोग के लिए सरकार शादी अनुदान योजना चला रही है। सामान्य, ओबीसी और एससी वर्ग में शादी के बाद परिवार की ओर से आवेदन किया जाता है। जांच में सही मिलने पर 20 हजार का अनुदान दिया जाता है। वित्तीय वर्ष के छह माह में जिले के छह ब्लॉक से 1776 आवेदन किया गया।
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550 आवेदनों की जांच कराई गई तो 99 आवेदक अपात्र मिले जबकि गड़बड़ी के चलते 80 आवेदन निरस्त कर दिया गया। समाज कल्याण अधिकारी की क्रास चेकिंग में 128 आवेदन फर्जी पाए गए। विभाग की माने तो फर्जी तरीके से जो 128 आवेदन भरे गए थे उसमें महिलाओं के एक-एक प्रमाणपत्र को कई आवेदन में लगाया गया था, साथ ही सफेदा लगाकर कई गड़बड़ी की गई थी। 80 फीसदी से अधिक आवेदन डीघ विकास खंड के पाए गए। एडीओ पंचायत, सेक्रेटरी और बीडीओ के स्तर से मामले की गहनता से जांच न करने के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया है।
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डीएम सुरेश कुमार सिंह ने कहा कि आवेदनों की जांच में अधिकारियों ने लापरवाही बरती है। उन्होंने पूर्व बीडीओ डीघ, एडियो पंचायत रमेश सिंह और लापरवाही की जद में आने वाले सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की।