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आनलाइन खरादारी से दुकानदार निराश
Updated Mon, 05 Nov 2018 12:59 AM IST
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भदोही। त्योहार पर ऑनलाइन खरीदारी में उछाल आ गया है। अग्रणी ई-कॉमर्स कंपनियों के बीच होड़ का आलम यह है कि विभिन्न ऑनलाइन पोर्टलों पर 80 प्रतिशत तक छूट दे दी जा रही है। इंटरनेट और मोबाइल युग में कैश बैक, कैश ऑन डिलेवरी लोगों को ऐसे लुभा रहे हैं कि इसका असर शहरी बाजार पर साफ देखने को मिल रहा है।
जो ऑनलाइन मार्केटिंग में नए हैं, वे पूछते हैं कि ऑनलाइन दुकानों से क्या क्या मंगाया जा सकता है? जबकि आटा, दाल, चावल से लेकर घर में इस्तेमाल होेने वाली सभी वस्तुएं, सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं हों या कपड़े अथवा ऑफिस के स्टेश्नरी आइटम सब ऑनलाइन दुकानों पर मिल रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तो युवाओं की पहली पसंद हैं। इस दीपावली पर तो ऐसा भी हो गया है कि आप हल्दीराम की सोनपापड़ी देश के किसी कोने में बैठे अपने शुभचिंतक या मित्र को घर बैठे बतौर गिफ्ट भेज सकते हैं।
भले ही इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, लेकिन यह लोकल दुकानदारों के लिए बड़ी समस्या बन कर आया है। उपकार इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रमोद कुमार पांडेय का कहना है कि आनलाइन बाजार से धनतेरस और दीपावली नीरस हो गई है। पहले जैसी बिक्री नहीं हो रही है। यही हाल रोजमर्रा की दुकानों का भी है। भावना जनरल स्टोर्स के त्रिलोकी नाथ ने कहा कि ऑन लाइन बाजार से सामान्य दुकानदारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। इस ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए। दीपावली नजदीक है और अपेक्षित खरीदारी नहीं हो पा रही है।
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इनसेट
आनलाइन रिटेलरों पर बढ़ रहा भरोसा
फोटो-51
महताब आलम ने हाल ही मे एक आईफोन बुक किया है। आनलाइन खरीदारी में जो डिस्काउंट या कैशबैक मिल रहा है, वह स्थानीय रिटेलर नहीं दे सकते। कुछ सामान तो 80 प्रतिशत डिस्काउंट पर भी मिल जा रहे हैं। आनलाइन रिटेलरों की खास बात यह है कि वे दो दिन में डिलेवरी कर दे रहे हैं वह भी मुफ्त। और यदि उत्पादक की वारंटी मिले तो आनलाइन खरीद में बुराई क्या है। इससे आनलाइन रिटेलरों में भरोसा बढ़ रहा है।
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जो ऑनलाइन मार्केटिंग में नए हैं, वे पूछते हैं कि ऑनलाइन दुकानों से क्या क्या मंगाया जा सकता है? जबकि आटा, दाल, चावल से लेकर घर में इस्तेमाल होेने वाली सभी वस्तुएं, सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं हों या कपड़े अथवा ऑफिस के स्टेश्नरी आइटम सब ऑनलाइन दुकानों पर मिल रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तो युवाओं की पहली पसंद हैं। इस दीपावली पर तो ऐसा भी हो गया है कि आप हल्दीराम की सोनपापड़ी देश के किसी कोने में बैठे अपने शुभचिंतक या मित्र को घर बैठे बतौर गिफ्ट भेज सकते हैं।
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भले ही इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, लेकिन यह लोकल दुकानदारों के लिए बड़ी समस्या बन कर आया है। उपकार इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रमोद कुमार पांडेय का कहना है कि आनलाइन बाजार से धनतेरस और दीपावली नीरस हो गई है। पहले जैसी बिक्री नहीं हो रही है। यही हाल रोजमर्रा की दुकानों का भी है। भावना जनरल स्टोर्स के त्रिलोकी नाथ ने कहा कि ऑन लाइन बाजार से सामान्य दुकानदारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है। इस ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए। दीपावली नजदीक है और अपेक्षित खरीदारी नहीं हो पा रही है।
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आनलाइन रिटेलरों पर बढ़ रहा भरोसा
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महताब आलम ने हाल ही मे एक आईफोन बुक किया है। आनलाइन खरीदारी में जो डिस्काउंट या कैशबैक मिल रहा है, वह स्थानीय रिटेलर नहीं दे सकते। कुछ सामान तो 80 प्रतिशत डिस्काउंट पर भी मिल जा रहे हैं। आनलाइन रिटेलरों की खास बात यह है कि वे दो दिन में डिलेवरी कर दे रहे हैं वह भी मुफ्त। और यदि उत्पादक की वारंटी मिले तो आनलाइन खरीद में बुराई क्या है। इससे आनलाइन रिटेलरों में भरोसा बढ़ रहा है।