{"_id":"595a974f4f1c1bf6058b461d","slug":"121499109199-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दवा की सौ दूकानों का लाइसेंस निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दवा की सौ दूकानों का लाइसेंस निरस्त
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानपुर (भदोही)। औषधि प्रशासन विभाग से जारी लाइसेंस का नवीनीकरण न कराने से जिले की सौ मेडिकल स्टोर के लाइसेंस निरस्त हो गए हैं। लाइसेंस की समय सीमा समाप्त होने के बाद छह माह के अंदर तक नवीनीकरण कराना होता है। समय सीमा तक लाइसेंस का नवीनीकरण न कराने पर स्वत: ही निरस्त हो जाता है। अब तक जिले के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के ड्रग विभाग में पंजीकृत सौ से अधिक दूकानों के लाइसेंस नवीनीकरण समय से नहीं कराने से निरस्त हो चुके हैं। और बड़े पैमाने पर लाइसेंस निरस्त होने के कगार पर हैं।
मालूम हो कि जिले के ड्रग विभाग से वर्तमान समय में करीब छह सौ दवा की दूकानों के लिए लाइसेंस जारी किया गया है। जिले में लंबे समय से ड्रग निरीक्षकों की स्थायी रूप से तैनाती न होने से मेडिकल स्टोर संचालक बेलगाम होकर दूकान चला रहे हैं। विभाग की उदासीनता और मिलीभगत के चलते धड़ल्ले से अवैध ढंग से बड़े पैमाने पर दवा की दूकानें संचालित हो रही हैं। किसी दूकान का लाइसेंस की तिथि खत्म हुए डेढ़ साल, दो साघल और एक साल बीत चुका है, लेकिन शासन में बैठे लोगों की शह पर धड़ल्ले से दवा बेच रहे हैं। आयकर, बिक्री कर आदि को ठेंगा दिखाने से पीछे नहीं हैं। खास बात कि जिले के 25-30 दूकानदारों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभिलेखों के जमा न करने से प्रक्रिया लंबित है। समय पर जमा न करने और छह माह बीतने पर इनकी भी दूकानें स्वत: निरस्त हो जाएंगी। जिले के नवागत ड्रग इंस्पेक्टर एके बंसल ने बताया कि जिले में करीब छह सौ दवा की दूकानों का लाइसेंस जारी हैं, इनमें से करीब सौ दूकानों का लाइसेंस समय से नवीनीकरण न होने से स्वत: निरस्त हो गए।
विज्ञापन
मालूम हो कि जिले के ड्रग विभाग से वर्तमान समय में करीब छह सौ दवा की दूकानों के लिए लाइसेंस जारी किया गया है। जिले में लंबे समय से ड्रग निरीक्षकों की स्थायी रूप से तैनाती न होने से मेडिकल स्टोर संचालक बेलगाम होकर दूकान चला रहे हैं। विभाग की उदासीनता और मिलीभगत के चलते धड़ल्ले से अवैध ढंग से बड़े पैमाने पर दवा की दूकानें संचालित हो रही हैं। किसी दूकान का लाइसेंस की तिथि खत्म हुए डेढ़ साल, दो साघल और एक साल बीत चुका है, लेकिन शासन में बैठे लोगों की शह पर धड़ल्ले से दवा बेच रहे हैं। आयकर, बिक्री कर आदि को ठेंगा दिखाने से पीछे नहीं हैं। खास बात कि जिले के 25-30 दूकानदारों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन किया है, लेकिन अभिलेखों के जमा न करने से प्रक्रिया लंबित है। समय पर जमा न करने और छह माह बीतने पर इनकी भी दूकानें स्वत: निरस्त हो जाएंगी। जिले के नवागत ड्रग इंस्पेक्टर एके बंसल ने बताया कि जिले में करीब छह सौ दवा की दूकानों का लाइसेंस जारी हैं, इनमें से करीब सौ दूकानों का लाइसेंस समय से नवीनीकरण न होने से स्वत: निरस्त हो गए।
विज्ञापन