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सांसद के गांव में खारे पानी की समस्या
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:21 AM IST
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सुरियावां। सांसद आदर्श गांव कैड़ा में पानी के लिए जंग हो रही है। गांव में जमीन के नीचे से निकलने वाला पानी बेहद घटिया स्वाद के कारण पीते समय गले के नीचे नहीं उतरने की बजाए बाहर आने लगता है। खतरनाक अशुद्धियां मिली होने के चलते यह पानी लोहे के हैंडपंप, वाटर पंप को कुछ ही महीनों में जंक लगकर चट कर जाने के साथ ही ग्रामीणों में बीमारियां भी बांटने लगा है। आलम यह है कि ग्रामीण रोजमर्रा की पानी की जरूरत पूरी करने के लिए भी बाजार से आरओ का पानी खरीदने को विवश हैं। सुरियावां ब्लॉक के पिछड़े गांव कैड़ा में खारे पानी की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए नासूर बनी है। केंद्र में मोदी की सरकार बनने के बाद भदोही सांसद वीरेंद्र सिंह ने कौलापुर के बाद इस गांव को आदर्श गांव के रूप में गोद लिया। इसके बाद गांव के लोगों में विकास की आस जगी। उन्हें लगा कि खारे पानी की समस्या से निजात मिलेगी और लोगों को बाजार से पानी खरीदकर पीना नहीं पड़ेगा। लेकिन, ग्रामीणों की ये उम्मीदें कुछ ही दिन में हवा हो गईं। भाजपा सरकार बनने के तीन साल बाद भी गांव में खारे पानी की समस्या ज्यों की त्यों है। खारे पानी की समस्या से ग्रामीणों को छुटकारा दिलाने के लिए सांसद ने गांव में एक आरओ प्लांट लगाने का सब्जबाग दिखाया। लंबे संघर्ष के बाद उनकी निधि से गांव में आरओ मशीन लगी भी, लेकिन उसमें स्टार्टर और स्टेबलाइजर नहीं लगा। इससे आरओ मशीन बेमतलब साबित हो रही है। दो हजार से अधिक आबादी वाले इस गांव में ज्यादातर लोगों को मेहमान आने पर बाजार से बोतलबंद पानी खरीदकर लाना पड़ता है। शादी-विवाह या अन्य आयोजन में बारातियों के लिए नगर पंचायत के टैंकर से पानी की आपूर्ति करवानी पड़ती है। खारे पानी का प्रकोप कुछ यों है कि ग्रामीण बीमार होने लगे हैं। गांव में 60 फीसदी से अधिक लोगों के दांत पीले होने की समस्या आम हो गई है। गांव के तमाम लोग नौकरी या व्यवसाय के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहने लगते हैं तो पानी की समस्या के चलते कैड़ा में रहने से कतराने लगते हैं। उनका ज्यादा वक्त बाहर ही बीतता है। गांव के प्रशांत ने बताया कि खारे पानी के चलते उनके दांतों में बीमारी लग गई है। दांत पीले और काले होने के साथ ही भद्दे लगने लगे हैं। कहा कि पानी की गड़बड़ी से ज्यादातर हैंडपंप कुछ ही महीनों में जाम हो जाते हैं। आदर्श और सुमित को भी दांत खराब होने की समस्या से जूझना पड़ रहा है। खारे पानी से दांत के अलावा पेट की गड़बड़ी, आंखों की रोशनी कम होने और त्वचा की समस्याएं भी ग्रामीणों में तेजी से बढ़ रहीं हैं।
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