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कन्या भ्रूण हत्या के प्रति लोगों को सोंच बदलने की जरूरत
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ज्ञानपुर। लिंग संवेदीकरण और पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कन्या भ्रूण हत्या रोकने के संबंध में लोगों को जागरूक किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि समय बदल चुका है, वेदों और पुराणों तक में महिलाओं को महिमा मंडित किया गया है। देश और समाज के हर प्रकार के कार्यों में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। ऐसी परिस्थिति में कन्या भ्रूण हत्या के संबंध में लोगों को अपनी सोच बदलनी पड़ेगी। विंध्याचल मंडल के संयुक्त निदेशक डॉ. ओपी सिंह ने कहा की महिलाएं समाज के लिए अमूल्य धन हैं। लेकिन घटता बाल लिंगानुपात सोचनीय विषय है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव कुमार ने गर्भ धारण के पूर्व एंव प्रसव पूर्व चिकित्सीय निदान के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। सीडीओ ने इस संबंध में महिलाओें को समाज का मूल अंग बताया। इस दौरान कार्यशाला में मौजूद गोपीगंज सेंट थॉमस स्कूल के प्रधानाचार्य और छात्रों ने भी कन्या भ्रूण हत्या पर विचार व्यक्त किए। इस मौके पर बीएसए, सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एडीएम आदि मौजूद रहे।
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