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शनि प्रदोष का
Updated Sun, 23 Sep 2018 12:17 AM IST
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ज्ञानपुर। शनि प्रदोष के अवसर पर शनिवार को फकीरपुर बैदा स्थित शनि धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान लोगों ने न्याय के देवता शनिदेव की विधिवत उपासना की। पूजा-अर्चना के दौरान धाम में जयकारे लगते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित कर दीपदान किया।
फकीरपुर बैदा स्थित शनिधाम में शनिवार को पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन के बाद सुख-सौभाग्य की कामना की। इस दौरान दीपदान का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इसके निमित्त मंदिर को विधिवत सजाने के साथ ही शनिदेव का अलौकिक शृंगार किया गया। मान्यता है कि शनि प्रदोष के दिन भगवान शनि की उपासना करने से अभीष्ट की सिद्धि होती है और जीवन के सभी दुखों का नाश होता है। मंदिर के पुजारी पं. कृष्णानंद पांडेय ने कहा कि शनि महिमा का बखान शब्दों में नहीं हो सकता। उनकी कृपा हो जाए तो संसारी जीवन के शोक, क्लेष, पाप सभी खत्म हो जाते हैं। शनि उपासना में शनि प्रदोष का खास महात्म्य है। इस दिन कुछ श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं। शनि प्रदोष के दिन शनिदेव की सच्चे मन से की गई उपासना खाली नहीं जाती। यही वजह थी कि शनिवार को तड़के ही शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। शनिदेव धाम में दूर-दराज के श्रद्धालु पहुंचते हैं। घंटे और वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय होता रहा।
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फकीरपुर बैदा स्थित शनिधाम में शनिवार को पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन के बाद सुख-सौभाग्य की कामना की। इस दौरान दीपदान का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इसके निमित्त मंदिर को विधिवत सजाने के साथ ही शनिदेव का अलौकिक शृंगार किया गया। मान्यता है कि शनि प्रदोष के दिन भगवान शनि की उपासना करने से अभीष्ट की सिद्धि होती है और जीवन के सभी दुखों का नाश होता है। मंदिर के पुजारी पं. कृष्णानंद पांडेय ने कहा कि शनि महिमा का बखान शब्दों में नहीं हो सकता। उनकी कृपा हो जाए तो संसारी जीवन के शोक, क्लेष, पाप सभी खत्म हो जाते हैं। शनि उपासना में शनि प्रदोष का खास महात्म्य है। इस दिन कुछ श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं। शनि प्रदोष के दिन शनिदेव की सच्चे मन से की गई उपासना खाली नहीं जाती। यही वजह थी कि शनिवार को तड़के ही शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। शनिदेव धाम में दूर-दराज के श्रद्धालु पहुंचते हैं। घंटे और वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय होता रहा।
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