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बिना अनुमति स्टेडियम में नहीं दे पाएंगे प्रशिक्षण
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बिना अनुमति स्टेडियम में नहीं दे पाएंगे प्रशिक्षण
स्टेडियम में अवैध प्रशिक्षण पर प्रशासन गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्टेडियम में युवाओं को अवैध रूप से प्रशिक्षण देने का मामला छह अक्तूबर को पहली बार प्रकाश में आया था। इसके बाद खेल विभाग ने तत्काल मामले की जानकारी डीएम आशुतोष निरंजन को दी। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना अनुमति प्रशिक्षण देने और लेने पर रोक लगा दी।
छह अक्तूबर की भोर में लगभग साढ़े चार बजे स्टेडियम गेट पर करीब 150 युवा पहुंचे। वे गार्ड पर गेट खोलने का दबाव बनाने लगे। गार्ड ने गेट नहीं खोलकर मामले की जानकारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा को दी। मौके पर पहुंचे आरएसओ ने युवाओं से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे सुरक्षा व सैनिक एकेडमी में पुलिस और सेना में भर्ती होने का प्रशिक्षण लेते हैं और एकेडमी की ओर से स्टेडियम में शारीरिक प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है। आरएसओ संजय शर्मा बताते हैं स्टेडियम का उपयोग निजी एकेडमी अपने लाभ के लिए तभी कर सकती हैं जब बकायदा अनुमति ली गई हो।
अचानक से स्टेडियम में इतनी भीड़ देखकर कर्मचारी भी डर गए। प्रशिक्षुओं के माध्यम से एकेडमी संचालकों को खेल विभाग बुलाया गया और उनसे स्टेडियम में प्रशिक्षण एकेडमी चलाने का अनुमति पत्र मांगा गया, लेकिन वे दिखा नहीं सके। ऐसे में पूरे मामले को डीएम के समक्ष रखा गया। आरएसओ ने बताया कि प्रशासन की ओर से कहा गया कि शासकीय जमीन का उपयोग एकेडमी चलाने के लिए नहीं किया जा सकता। दोबारा ऐसे करने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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स्टेडियम में अवैध प्रशिक्षण पर प्रशासन गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्टेडियम में युवाओं को अवैध रूप से प्रशिक्षण देने का मामला छह अक्तूबर को पहली बार प्रकाश में आया था। इसके बाद खेल विभाग ने तत्काल मामले की जानकारी डीएम आशुतोष निरंजन को दी। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना अनुमति प्रशिक्षण देने और लेने पर रोक लगा दी।
छह अक्तूबर की भोर में लगभग साढ़े चार बजे स्टेडियम गेट पर करीब 150 युवा पहुंचे। वे गार्ड पर गेट खोलने का दबाव बनाने लगे। गार्ड ने गेट नहीं खोलकर मामले की जानकारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा को दी। मौके पर पहुंचे आरएसओ ने युवाओं से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे सुरक्षा व सैनिक एकेडमी में पुलिस और सेना में भर्ती होने का प्रशिक्षण लेते हैं और एकेडमी की ओर से स्टेडियम में शारीरिक प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है। आरएसओ संजय शर्मा बताते हैं स्टेडियम का उपयोग निजी एकेडमी अपने लाभ के लिए तभी कर सकती हैं जब बकायदा अनुमति ली गई हो।
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अचानक से स्टेडियम में इतनी भीड़ देखकर कर्मचारी भी डर गए। प्रशिक्षुओं के माध्यम से एकेडमी संचालकों को खेल विभाग बुलाया गया और उनसे स्टेडियम में प्रशिक्षण एकेडमी चलाने का अनुमति पत्र मांगा गया, लेकिन वे दिखा नहीं सके। ऐसे में पूरे मामले को डीएम के समक्ष रखा गया। आरएसओ ने बताया कि प्रशासन की ओर से कहा गया कि शासकीय जमीन का उपयोग एकेडमी चलाने के लिए नहीं किया जा सकता। दोबारा ऐसे करने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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