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तय हुई व्यवस्था, गेहूं की सिर्फ ऑनलाइन खरीद
basti
Updated Tue, 27 Mar 2018 10:56 PM IST
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wheat scam in uttarakhand
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गेहूं खरीद की नीति शासन ने तय कर दी है। खरीद में कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए नई नीति में केवल पंजीकृत किसान ही केंद्रों पर गेहूं बेचेंगे। इस बार शासन ने 61,700 मीट्रिक टन लक्ष्य तय किया गया है। एक अप्रैल से 30 जून तक गेहूं खरीद की जाएगी। यही नहीं इस बार शत-प्रतिशत खरीद ऑनलाइन ही होगी। केंद्र पर ऑफलाइन केवल निरीक्षण रजिस्टर ही होगा। खरीद को लेकर खाद्य एवं रसद विभाग की विपणन शाखा ने कमर कसी है। डीएम ने खरीद को लेकर खरीद के अधिकारियों और एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
गेहूं खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने व्यवस्थागत खामियों को दूर कर दिया है। आढ़तियों को खरीद में शामिल नहीं किया गया है। यही नहीं खरीद में किसानों को कोई परेशानी न उठानी पड़े और उनका गेहूं हर हाल में खरीदा जाए इसकी भी व्यवस्था सरकार ने बना दी है। सभी केंद्रों पर ऑनलाइन खरीद होगी। हर दिन इसका विवरण शासन को भेजा जाएगा। किसानों के गेहूं को केंद्र पर रिजेक्ट नहीं किया जा सकता। इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी, जो जांच-पड़ताल के बाद ही कोई निर्णय सुना सकती है। जिले में खाद्य विभाग के 30, पीसीएफ के 100, कर्मचारी कल्याण निगम के दो, एफसीआई के दो, यूपीएग्रो का एक तथा पंजीकृत समितियों के बीस नए सेंटर खोले गए हैं। इन केंद्रों पर किसान अपना गेेहूं लेकर पहुंचेगा, जहां पंजीकृत नंबर से वह अपना उत्पाद संबंधित सेंटर प्रभारी को देकर तौल कराएगा। यहां उल्लेखनीय है कि इस बार धान खरीद में रजिस्टर्ड आठ हजार किसानों को उसी नंबर पर गेहूं के लिए पंजीकृत कर दिया गया है।
डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने बताया कि क्रय केंद्रों पर किसानों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। खाद्य विभाग के सभी केंद्रों पर पर्याप्त बोरा व धन दिया जा रहा है। खरीद में किसी भी दिक्कत पर कंट्रोल रूम में 7839565077 पर संपर्क कर सकते हैं। खाद्य विभाग को 16800 एमटी, पीसीएफ 38600 एमटी, यूपी स्टेट एग्रो 300 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम चार हजार तो एफसीआई को दो हजार एमटी खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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समानुपातिक गन्ना खरीद का छाया रहा मुद्दा
बभनान।
सहकारी गन्ना विकास समिति गौर का 41वां वार्षिक अधिवेशन एवं सामान्य निकाय की बैठक मंगलवार को समिति परिसर में हुई। बैठक में चेयरमैन, गन्ना डायरेक्टर व किसानों के साथ समस्याओं को लेकर चर्चा की गई, जिसमें समानुपातिक गन्ना खरीद एवं नए क्रय केंद्र खोलने, फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना सहित कई प्रस्ताव पास किए गए।
मुख्य अतिथि चेयरमैन उर्मिला सिंह के प्रतिनिधि एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेश सिंह ने कहा कि चीनी मिल की मनमानी के चलते समानुपातिक गन्ना खरीद नीति लागू नहीं हो पा रही है, जिससे गन्ना पर्ची की समस्या बनी हुई है। चीनी मिल द्वारा मनमानी तरीके से किसानों के बैंक खाते से गन्ना बीज, कीटनाशक दवाओं के नाम पर कुछ पैसे की कटौती की गई है, जो गलत है। बिना किसान के अनुमति के किसी तरह का पैसे की कटौती न की जाए। कटौती के धन की वापसी, समानुपाती गन्ना खरीद व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव पारित हुआ। चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह के अंदर ऐसा नहीं किया गया तो वैधानिक कार्रवाई होगी। आगामी गन्ना सत्र में गौर समिति अंतर्गत ग्रामसभा बेलसड़ व विरऊपुर में नया गन्ना क्रय केंद्र खोलने, समिति कार्यालय परिसर में जर्जर गोदाम मरम्मत कराने, खाद, बीज, कीटनाशक उपलब्ध कराए जाने, किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने एवं कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए समिति में फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना कराने के प्रस्ताव को सहमति मिली। संचालन डायरेक्टर लक्ष्मी नारायन गुप्ता ने किया। इस मौके पर सचिव रामपुकार सिंह, विष्णु प्रताप यादव, रमाशंकर शुक्ल, मुख्तार अली, सुधा सिंह, उर्मिला, आज्ञाराम चौधरी, रामनिवास, मिश्रीलाल गुप्ता, महातम यादव, दल बहादुर सिंह, जितेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।
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गेहूं खरीद की नीति शासन ने तय कर दी है। खरीद में कहीं कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए नई नीति में केवल पंजीकृत किसान ही केंद्रों पर गेहूं बेचेंगे। इस बार शासन ने 61,700 मीट्रिक टन लक्ष्य तय किया गया है। एक अप्रैल से 30 जून तक गेहूं खरीद की जाएगी। यही नहीं इस बार शत-प्रतिशत खरीद ऑनलाइन ही होगी। केंद्र पर ऑफलाइन केवल निरीक्षण रजिस्टर ही होगा। खरीद को लेकर खाद्य एवं रसद विभाग की विपणन शाखा ने कमर कसी है। डीएम ने खरीद को लेकर खरीद के अधिकारियों और एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
गेहूं खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए शासन ने व्यवस्थागत खामियों को दूर कर दिया है। आढ़तियों को खरीद में शामिल नहीं किया गया है। यही नहीं खरीद में किसानों को कोई परेशानी न उठानी पड़े और उनका गेहूं हर हाल में खरीदा जाए इसकी भी व्यवस्था सरकार ने बना दी है। सभी केंद्रों पर ऑनलाइन खरीद होगी। हर दिन इसका विवरण शासन को भेजा जाएगा। किसानों के गेहूं को केंद्र पर रिजेक्ट नहीं किया जा सकता। इसके लिए कमेटी गठित की जाएगी, जो जांच-पड़ताल के बाद ही कोई निर्णय सुना सकती है। जिले में खाद्य विभाग के 30, पीसीएफ के 100, कर्मचारी कल्याण निगम के दो, एफसीआई के दो, यूपीएग्रो का एक तथा पंजीकृत समितियों के बीस नए सेंटर खोले गए हैं। इन केंद्रों पर किसान अपना गेेहूं लेकर पहुंचेगा, जहां पंजीकृत नंबर से वह अपना उत्पाद संबंधित सेंटर प्रभारी को देकर तौल कराएगा। यहां उल्लेखनीय है कि इस बार धान खरीद में रजिस्टर्ड आठ हजार किसानों को उसी नंबर पर गेहूं के लिए पंजीकृत कर दिया गया है।
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डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने बताया कि क्रय केंद्रों पर किसानों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। खाद्य विभाग के सभी केंद्रों पर पर्याप्त बोरा व धन दिया जा रहा है। खरीद में किसी भी दिक्कत पर कंट्रोल रूम में 7839565077 पर संपर्क कर सकते हैं। खाद्य विभाग को 16800 एमटी, पीसीएफ 38600 एमटी, यूपी स्टेट एग्रो 300 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम चार हजार तो एफसीआई को दो हजार एमटी खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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समानुपातिक गन्ना खरीद का छाया रहा मुद्दा
बभनान।
सहकारी गन्ना विकास समिति गौर का 41वां वार्षिक अधिवेशन एवं सामान्य निकाय की बैठक मंगलवार को समिति परिसर में हुई। बैठक में चेयरमैन, गन्ना डायरेक्टर व किसानों के साथ समस्याओं को लेकर चर्चा की गई, जिसमें समानुपातिक गन्ना खरीद एवं नए क्रय केंद्र खोलने, फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना सहित कई प्रस्ताव पास किए गए।
मुख्य अतिथि चेयरमैन उर्मिला सिंह के प्रतिनिधि एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेश सिंह ने कहा कि चीनी मिल की मनमानी के चलते समानुपातिक गन्ना खरीद नीति लागू नहीं हो पा रही है, जिससे गन्ना पर्ची की समस्या बनी हुई है। चीनी मिल द्वारा मनमानी तरीके से किसानों के बैंक खाते से गन्ना बीज, कीटनाशक दवाओं के नाम पर कुछ पैसे की कटौती की गई है, जो गलत है। बिना किसान के अनुमति के किसी तरह का पैसे की कटौती न की जाए। कटौती के धन की वापसी, समानुपाती गन्ना खरीद व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव पारित हुआ। चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह के अंदर ऐसा नहीं किया गया तो वैधानिक कार्रवाई होगी। आगामी गन्ना सत्र में गौर समिति अंतर्गत ग्रामसभा बेलसड़ व विरऊपुर में नया गन्ना क्रय केंद्र खोलने, समिति कार्यालय परिसर में जर्जर गोदाम मरम्मत कराने, खाद, बीज, कीटनाशक उपलब्ध कराए जाने, किसानों को वैज्ञानिक विधि से खेती करने एवं कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए समिति में फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना कराने के प्रस्ताव को सहमति मिली। संचालन डायरेक्टर लक्ष्मी नारायन गुप्ता ने किया। इस मौके पर सचिव रामपुकार सिंह, विष्णु प्रताप यादव, रमाशंकर शुक्ल, मुख्तार अली, सुधा सिंह, उर्मिला, आज्ञाराम चौधरी, रामनिवास, मिश्रीलाल गुप्ता, महातम यादव, दल बहादुर सिंह, जितेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।