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क्रय केंद्रों पर 15 हजार क्विंटल भीगा गेहूं
basti
Updated Thu, 03 May 2018 11:05 PM IST
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लापरवाही
- फोटो : amar ujala
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बस्ती।
गेेहूं खरीद को लेकर शासन के तेवर ने जिले में खरीद का ग्रॉफ 24519 एमटी तक पहुंचा दिया है। खरीद के बाद इसको केंद्रीय पूल में भंडारण की व्यवस्था बनाई गई है, मगर अव्यवस्था के चलते जिले में करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया है। इसे लेकर जिम्मेदारों के होश उड़ गए हैं। जिम्मेदार गेहूं को पूरी तरह भीगने से इंकार कर आंशिक प्रभाव की बात स्वीकारते हैं।
जिले में गेहूं की खरीद के लिए खाद्य विभाग के अलावा अन्य एजेंसियों के 146 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 109 केंद्र पीसीएफ संचालित कर रहा है। जबकि खाद्य विभाग 32 तो यूपीएग्रो एक, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम व एफसीआई दो-दो सेंटर चला रहा है। जिले में अब तक पीसीएफ ने जहां 12985 मीट्रिक टन की खरीद की है, वहीं, खाद्य विभाग ने 9433 एमटी, यूपी स्टेट एग्रो मात्र 57 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम 502 तथा एफसीआई 1542 एमटी की यानी 24519 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर चुका है।
शासन की सख्ती पर खरीद का ग्रॉफ बढ़ा है लेकिन भंडारण की व्यवस्था केंद्रीय पूल यानी एफसीआई के जिम्मे है। गोदाम ठसाठस हो जाने के कारण अब गेहूं रखने में एफसीआई को पसीना छूट रहा है। इसके चलते दो मई की रात हुई बारिश ने गेहूं खरीद का खेल बिगाड़ दिया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो पीसीएफ के सात आठ केंद्रों पर भंडारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों का गेहूं आसमान के नीचे रखा है और उसे तिरपाल आदि से ढका गया है, मगर बारिश के चलते पीसीएफ का ही करीब दस हजार क्विंटल गेहूं भीग गया है।
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यहां प्रभावित हुआ बारिश में गेहूं
पीसीएफ के रामनगर क्षेत्र में स्थित कोठिला, मोहम्मद नगर, भानपुर, विक्रमजोत ब्लॉक के गुंडा कुंअर, आनंदपुर रूपगढ़, बनकटी के पकड़ी चंदा तथा सल्टौआ ब्लॉक के पचानू व भिरिया ऋतुराज के अलावा खाद्य विभाग के करीब आधा दर्जन केंद्रों पर डंप गेहूं आंशिक रूप बारिश ने प्रभावित किया है।
सीडब्लूसी और एफसीआई गोदाम पर चार दिन से खड़े हैं ट्रक
गेेहूं भंडारण की समस्या के चलते केंद्रीय भंडार गृह व एफसीआई गोदामों पर गेहूं लदे ट्रकों की लाइन लग गई है। यहां कर्मचारियों ने बताया कि एफसीआई गोदाम में कुल पांच हजार एमटी का गोदाम है, जो भरा है। केवल 1500 एमटी का स्थान रिक्त है, जबकि प्रतिदिन भारी मात्रा में गेहूं पहुंच रहा है। ऐसे में भंडारण की दिक्कत खड़ी हो गई है।
बोले एआर को-आपरेटिव
एआर कोआपरेटिव आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि पीसीएफ के लगभग सभी केंद्रों पर भंडारण की व्यवस्था जरूर है, मगर जर्जर भवनों के चलते यहां गेहूं का भंडारण करना खतरनाक है। दो मई को हुई बारिश में सात-आठ केंद्रों पर गेहूं प्रभावित हुआ है। करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं पर बारिश का असर है।
क्रय केंद्रों पर खरीद हुई ठप
सल्टौआ। क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों पर बरसात के चलते गेहूं भीग गया। इसे लेकर खरीद बंद कर दी गई है। साधन सहकारी समिति सल्टौआ में अब तक 1260 क्विंटल की खरीदारी की जा चुकी है। सचिव केएन यादव ने बताया बरसात के चलते खरीदारी नहीं की जा रही है। जो अब तक खरीदा गया उसे गोदाम में रखा गया है, समय से उठान न होने के कारण समस्या आ रही है। वहीं, साधन सहकारी समिति पचानू में अब तक सिर्फ एक हजार क्विंटल गेहूं किसानों से खरीदा गया है। यहां भंडारण की समुचित व्यवस्था न होने के चलते परिसर में रखा गेहूं भीग गया है। सचिव राधेश्याम चौधरी ने बताया खरीददारी तो शुरू कर दी गई लेकिन समय से उठान नहीं हो पा रहा है।
सचिव ने एसडीएम तक पहुंचाई अपनी बात
सोनहा। क्षेत्र पंचायत सल्टौआ गोपालपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत भिरिया ऋतुराज के किसान बृजमंगल सिंह ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम भानपुर अमनदीप डुली से शिकायत की है। बताया कि बीस दिन से बोरी मांग रहे हैं, मगर वह अब तक नहीं मिल सकी है। बारिश के चलते खुले में रखा करीब तीन सौ क्विंटल गेहूं भीग गया है।
बोले डिप्टी आरएमओ
डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि भंडारण की समस्या से व्यवस्था बिगड़ गई है। हालांकि, करीब दो लाख क्विंटल भंडारण की व्यवस्था को हरी झंडी मिल गई है। बारिश से गेहूं भीगने की बात को दबी जुबान स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि पीसीएफ व खाद्य विभाग के कुछेक सेंटरों पर गेहूं उठान न होने के कारण उन्हें खुले स्थान पर रखा गया था, मगर बारिश से बचाने के लिए उस पर तिरपाल डाले गए हैं। बारिश ने गेहूं पर थोड़ा-बहुत प्रभाव जरूर डाला है।
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गेेहूं खरीद को लेकर शासन के तेवर ने जिले में खरीद का ग्रॉफ 24519 एमटी तक पहुंचा दिया है। खरीद के बाद इसको केंद्रीय पूल में भंडारण की व्यवस्था बनाई गई है, मगर अव्यवस्था के चलते जिले में करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं भीग गया है। इसे लेकर जिम्मेदारों के होश उड़ गए हैं। जिम्मेदार गेहूं को पूरी तरह भीगने से इंकार कर आंशिक प्रभाव की बात स्वीकारते हैं।
जिले में गेहूं की खरीद के लिए खाद्य विभाग के अलावा अन्य एजेंसियों के 146 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 109 केंद्र पीसीएफ संचालित कर रहा है। जबकि खाद्य विभाग 32 तो यूपीएग्रो एक, राज्य कर्मचारी कल्याण निगम व एफसीआई दो-दो सेंटर चला रहा है। जिले में अब तक पीसीएफ ने जहां 12985 मीट्रिक टन की खरीद की है, वहीं, खाद्य विभाग ने 9433 एमटी, यूपी स्टेट एग्रो मात्र 57 एमटी, कर्मचारी कल्याण निगम 502 तथा एफसीआई 1542 एमटी की यानी 24519 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर चुका है।
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शासन की सख्ती पर खरीद का ग्रॉफ बढ़ा है लेकिन भंडारण की व्यवस्था केंद्रीय पूल यानी एफसीआई के जिम्मे है। गोदाम ठसाठस हो जाने के कारण अब गेहूं रखने में एफसीआई को पसीना छूट रहा है। इसके चलते दो मई की रात हुई बारिश ने गेहूं खरीद का खेल बिगाड़ दिया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो पीसीएफ के सात आठ केंद्रों पर भंडारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों का गेहूं आसमान के नीचे रखा है और उसे तिरपाल आदि से ढका गया है, मगर बारिश के चलते पीसीएफ का ही करीब दस हजार क्विंटल गेहूं भीग गया है।
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यहां प्रभावित हुआ बारिश में गेहूं
पीसीएफ के रामनगर क्षेत्र में स्थित कोठिला, मोहम्मद नगर, भानपुर, विक्रमजोत ब्लॉक के गुंडा कुंअर, आनंदपुर रूपगढ़, बनकटी के पकड़ी चंदा तथा सल्टौआ ब्लॉक के पचानू व भिरिया ऋतुराज के अलावा खाद्य विभाग के करीब आधा दर्जन केंद्रों पर डंप गेहूं आंशिक रूप बारिश ने प्रभावित किया है।
सीडब्लूसी और एफसीआई गोदाम पर चार दिन से खड़े हैं ट्रक
गेेहूं भंडारण की समस्या के चलते केंद्रीय भंडार गृह व एफसीआई गोदामों पर गेहूं लदे ट्रकों की लाइन लग गई है। यहां कर्मचारियों ने बताया कि एफसीआई गोदाम में कुल पांच हजार एमटी का गोदाम है, जो भरा है। केवल 1500 एमटी का स्थान रिक्त है, जबकि प्रतिदिन भारी मात्रा में गेहूं पहुंच रहा है। ऐसे में भंडारण की दिक्कत खड़ी हो गई है।
बोले एआर को-आपरेटिव
एआर कोआपरेटिव आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि पीसीएफ के लगभग सभी केंद्रों पर भंडारण की व्यवस्था जरूर है, मगर जर्जर भवनों के चलते यहां गेहूं का भंडारण करना खतरनाक है। दो मई को हुई बारिश में सात-आठ केंद्रों पर गेहूं प्रभावित हुआ है। करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं पर बारिश का असर है।
क्रय केंद्रों पर खरीद हुई ठप
सल्टौआ। क्षेत्र की साधन सहकारी समितियों पर बरसात के चलते गेहूं भीग गया। इसे लेकर खरीद बंद कर दी गई है। साधन सहकारी समिति सल्टौआ में अब तक 1260 क्विंटल की खरीदारी की जा चुकी है। सचिव केएन यादव ने बताया बरसात के चलते खरीदारी नहीं की जा रही है। जो अब तक खरीदा गया उसे गोदाम में रखा गया है, समय से उठान न होने के कारण समस्या आ रही है। वहीं, साधन सहकारी समिति पचानू में अब तक सिर्फ एक हजार क्विंटल गेहूं किसानों से खरीदा गया है। यहां भंडारण की समुचित व्यवस्था न होने के चलते परिसर में रखा गेहूं भीग गया है। सचिव राधेश्याम चौधरी ने बताया खरीददारी तो शुरू कर दी गई लेकिन समय से उठान नहीं हो पा रहा है।
सचिव ने एसडीएम तक पहुंचाई अपनी बात
सोनहा। क्षेत्र पंचायत सल्टौआ गोपालपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत भिरिया ऋतुराज के किसान बृजमंगल सिंह ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम भानपुर अमनदीप डुली से शिकायत की है। बताया कि बीस दिन से बोरी मांग रहे हैं, मगर वह अब तक नहीं मिल सकी है। बारिश के चलते खुले में रखा करीब तीन सौ क्विंटल गेहूं भीग गया है।
बोले डिप्टी आरएमओ
डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि भंडारण की समस्या से व्यवस्था बिगड़ गई है। हालांकि, करीब दो लाख क्विंटल भंडारण की व्यवस्था को हरी झंडी मिल गई है। बारिश से गेहूं भीगने की बात को दबी जुबान स्वीकारते हुए उन्होंने कहा कि पीसीएफ व खाद्य विभाग के कुछेक सेंटरों पर गेहूं उठान न होने के कारण उन्हें खुले स्थान पर रखा गया था, मगर बारिश से बचाने के लिए उस पर तिरपाल डाले गए हैं। बारिश ने गेहूं पर थोड़ा-बहुत प्रभाव जरूर डाला है।