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Basti News: किल्लत के दौर में साप्ताहिक बंदी... सिलिंडर के लिए भटक रहे उपभोक्ता

Tue, 07 Apr 2026 12:40 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 12:40 AM IST
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Weekly shutdown during the scarcity period... Consumers are wandering for cylinders
साप्ताहिक बंदी के दिन सोमवार को एजेंसी पर पसरा सन्नाटा
बस्ती। रसोई गैस की किल्लत थम नहीं रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि रसोई गैस के लिए उन्हें चौतरफा मार झेलनी पड़ रही है। घर में भोजन मिलने का संकट और बाहर सिलिंडर के लिए जुगाड़ लगाते-लगाते थक जाना पड़ रहा है। सोमवार के दिन तो सभी एजेंसियों पर ताला लटका रहता है। बताइए, किल्लत के इस दौर में भी साप्ताहिक बंदी मनाई जा रही है। जबकि आम उपभोक्ताओं के सामने रोजाना बंदी जैसा संकट है। मगर जिम्मेदारों को इससे कोई लेना देना नहीं है।
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उपभोक्ता दीननाथ ने कहा कि अब तो गैस एजेंसियाें पर कार्यरत कर्मचारी भी खाड़ी देशों के युद्ध की चर्चा कर रहे हैं। वह यह कहते सुने जा रहे हैं कि अभी रसोई गैस की किल्लत और बढ़ेगी। युद्ध न थमने से इसकी आवक और प्रभावित होगी। रसोई गैस के संकट का असर अब घर- घर दिखने लगा हैं। घरों में बर्थ-डे पार्टी, कथा, भागवत, गृह प्रवेश जैसे छोटे कार्यक्रम आयोजित करने में लोगों के पसीने छूट जा रहे हैं। लाख कोशिश के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है। लोग इधर-उधर जुगाड़ लगाकर किसी तरह 975 रुपये का सिलिंडर दो से ढाई हजार रुपये में खरीद रहे हैं।
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सोमवार को सभी एजेंसियों पर साप्ताहिक बंदी के नाते ताला लटकता रहा। बावजूद इसके तमाम उपभोक्ता टोकन लेने, केवाईसी आदि कार्यों को लेकर एजेंसी पर पहुंचते रहे। पुरैना से आए राजू ने बताया कि उनके घर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन है। दो दिन बाद पूर्णाहुति में भंडारे का आयोजन करना है। घर पर रिश्तेदार भी जुटे हैं। एक सप्ताह से घर में रसोई गैस नहीं है। पूरा आयोजन फीका पड़ गया है। बुकिंग कराने के बाद तीन दिन से एजेंसी पर सिलिंडर के लिए आ रहे हैं लेकिन, कंपनी से आपूर्ति न होने का हवाला देकर वापस कर दिया जा रहा है।
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वहीं एक एजेंसी के कर्मचारी ने बताया कि सिलिंडर के लिए लोग सालों से बंद कनेक्शन भी सक्रिय करवाने के लिए दौड़ रहे हैं। जिनके घरों में पाइप लाइन की सुविधा हैं वह लोग भरा हुआ सिलिंडर लेकर भंडारित कर रहे हैं। आनंद नगर कटरा निवासी हरिराम ने बताया कि 28 मार्च को सिलिंडर बुक कराया गया था। रविवार को मोबाइल पर सिलिंडर के डिलीवरी का मैसेज आया है, जबकि सिलिंडर घर तक नहीं पहुंचा। शाम को एजेंसी पर बात करने पहुंचे तो कर्मचारियों ने गोलमोल जवाब देकर किनारा कस लिया। सिलिंडर के अभाव में दुकानदारी चौपट : एलपीजी और कामर्शियल सिलिंडर न मिलने के कारण चाय, समोसा, पकौड़ी, फास्डफूड की दुकानदारी भी चौपट हो रही हैं। मालवीय रोड स्थित जलपान की दुकान चलाने वाले रामपाल ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद पांच किलो वाला कामर्शियल सिलिंडर मिल पाया है। सिलिंडर खत्म होने के बाद से समोसा बनाना बंद कर दिए हैं। ठेले पर भट्ठी लगाना संभव नहीं है। अब हम जैसे लोगों का व्यापार खत्म होने के कगार पर आ गया है। चाय की दुकान लगाने वाले ने फिरोज ने बताया कि जुगाड़ से महंगे दाम पर सिलिंडर लेकर किसी तरह दुकान चला रहे हैं।
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