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सहालग : 14 से बैंडबाजा और शहनाई की गूंज
Fri, 11 Apr 2025 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 11 Apr 2025 12:11 AM IST
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बस्ती। 14 अप्रैल से लगन शुरू हो रहा है जो 11 जून तक चलेगा। इन तीन महीनों के शुभ मुहूर्त में शादी विवाह समेत सभी मांगलिक कार्य किए जाएंगे। इस बार अधिक मुहूर्त होने से सहालग का सीजन खास होगा। 16 मार्च को खरमास लगने के बाद से ही शादी विवाह जैसे शुभ कार्य ठप रहे। अब फिर लगन शुरू हो रहा है। बैंडबाजा और शहनाई गूंजेगी। जिन घरों में विवाह के आयोजन होने हैं, उनमें तैयारियां तेज हो गई हैं।
16 मार्च को शुक्र के अस्त होने के बाद से शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्य ठप हैं। हालांकि, इस दौरान मुंडन, नामकरण, पूजापाठ, अनुष्ठान, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य जारी रहे। 14 अप्रैल से 11 जून तक लगन फिर शुरू हो रहा है। विवाह वाले घरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। मैरिज हाल बुकिंग, शादी के कार्ड छपने और बंटने आदि का कार्य चल रहा है। शादी के खरीदारी से बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है। शादी कराने के लिए पुरोहितों की मांग बढ़ी है। एक ही तिथि पर कई शादी पड़ने पर वे असमर्थता जता रहे हैं।
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-14 अप्रैल से शुरू हो रहा शुभ मुहूर्त
मांगलिक कार्य के लिए अप्रैल में छह मुहूर्त 16, 18, 20, 24, 25 व 29 अप्रैल हैं। मई में 1, 5, 7, 8, 9, 11, 13, 15, 17, 22, 23 व 28 को मुहूर्त है। जबकि जून में केवल छह मुहूर्त है। इसमें 2, 4, 5 व 9 श्रेयस्कर है।
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13 अप्रैल को खरमास समाप्त हो जाएगा 14 अप्रैल से मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे। इस साल लगन अच्छा है। 11 जून तक पड़ने वाले शुभ मुहूर्त में विवाह आदि मांगलिक कार्य संपन्न किये जा सकेगे। इस बार तीन माह में अच्छा मुहूर्त है। हिंदू धर्म में मुहूर्त का बहुत महत्व है। मुहूर्त शुभ कार्य करने का सही समय माना जाता है। -पंडित रामकिंकर शुक्ल, पुरोहित
खरमास खत्म हो रहा है और लगन का समय 14 अप्रैल से शुरू हो रहा है। शुभ मुहूर्त में शादी विवाह आदि शुभ कार्य किए जा सकेंगे। 11 जून के बाद बृहस्पति के अस्त होने के बाद मांगलिक कार्य पर विराम लग जाएगा। हिंदू धर्मशास्त्रों में विधान है कि मांगलिक कार्य मुहूर्त पर किया जाना शुभ होता है। -बाल मुकुंद त्रिपाठी, पुजारी, हनुमानगढ़ी
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16 मार्च को शुक्र के अस्त होने के बाद से शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्य ठप हैं। हालांकि, इस दौरान मुंडन, नामकरण, पूजापाठ, अनुष्ठान, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य जारी रहे। 14 अप्रैल से 11 जून तक लगन फिर शुरू हो रहा है। विवाह वाले घरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। मैरिज हाल बुकिंग, शादी के कार्ड छपने और बंटने आदि का कार्य चल रहा है। शादी के खरीदारी से बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है। शादी कराने के लिए पुरोहितों की मांग बढ़ी है। एक ही तिथि पर कई शादी पड़ने पर वे असमर्थता जता रहे हैं।
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-14 अप्रैल से शुरू हो रहा शुभ मुहूर्त
मांगलिक कार्य के लिए अप्रैल में छह मुहूर्त 16, 18, 20, 24, 25 व 29 अप्रैल हैं। मई में 1, 5, 7, 8, 9, 11, 13, 15, 17, 22, 23 व 28 को मुहूर्त है। जबकि जून में केवल छह मुहूर्त है। इसमें 2, 4, 5 व 9 श्रेयस्कर है।
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13 अप्रैल को खरमास समाप्त हो जाएगा 14 अप्रैल से मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे। इस साल लगन अच्छा है। 11 जून तक पड़ने वाले शुभ मुहूर्त में विवाह आदि मांगलिक कार्य संपन्न किये जा सकेगे। इस बार तीन माह में अच्छा मुहूर्त है। हिंदू धर्म में मुहूर्त का बहुत महत्व है। मुहूर्त शुभ कार्य करने का सही समय माना जाता है। -पंडित रामकिंकर शुक्ल, पुरोहित
खरमास खत्म हो रहा है और लगन का समय 14 अप्रैल से शुरू हो रहा है। शुभ मुहूर्त में शादी विवाह आदि शुभ कार्य किए जा सकेंगे। 11 जून के बाद बृहस्पति के अस्त होने के बाद मांगलिक कार्य पर विराम लग जाएगा। हिंदू धर्मशास्त्रों में विधान है कि मांगलिक कार्य मुहूर्त पर किया जाना शुभ होता है। -बाल मुकुंद त्रिपाठी, पुजारी, हनुमानगढ़ी