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Basti News: नींद खुली तो बारिश, सड़क पर निकले पानी ही पानी, स्कूलों में हो गई छुट्टी

Thu, 24 Aug 2023 12:26 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Aug 2023 12:26 AM IST
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weather rain fall
बस्ती। बुधवार का दिन मौसम खुशनुमा बन गया। सुबह नींद खुली तो बारिश दिखी। खिड़की, दरवाजे से बाहर झांकने पर बूंदों की बौछार ने इसे यकीन में तब्दील कर दिया। सात बजते-बजते अभिभावकों के मोबाइल पर स्कूलों में छुट्टी का मैसेज आना शुरू हो गया। यह सुनते ही बच्चे भी खुशी से झूम उठे। कुछ ड्रेस पहनकर तैयार थे तो कुछ पहनने की तैयारी में थे। तभी स्कूल जाने से फुर्सत मिल गई।
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उधर सुबह नौ बजे तक बारिश की धार नहीं टूटी। शहर के मुहल्लों, सड़कों और गलियों में पानी ही पानी दिखाई दिया। जनजीवन बहाल होने में भी काफी देर लगी। आधी रात के बाद चौतरफा घिरे बादलों से झमाझम पानी बरसने लगा। घरों के बाहर और सड़कों पर पानी का बहाव शुरू हो गया। बारिश का सिलसिला सुबह भी जारी रहा। मुहल्लों की गलियों और सड़कों पर पानी भर गया। दूध, ब्रेड आदि आवश्यक सामग्रियों की खरीदारी के लिए लोगों को भीगते हुए दुकानों तक जाना पड़ा।
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कहीं-कहीं सड़कों पर छाते के ओट में घुटने भर पानी में लोग चलते हुए देखे गए। बारिश थमने के बाद दस बजे के आसपास जनजीवन बहाल हो सका। मगर एक दर्जन से अधिक मुहल्लों में जलभराव की समस्या बनी रही। बैरिहवां, आवास विकास, रौतापार, मुरलीजोत, नरहरिया, पिकौरा दत्तूराय आदि जगहों पर मुहल्लों के मुख्य मार्ग पर पानी भर रहा। स्कूलों की छुट्टी होने से बच्चों को काफी राहत मिली। वरना पानी में घुसकर आना जाना पड़ता।
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यहां फिर बढ़ गई दुश्वारी
मुहल्ला- मुरलीजोत
रेलवे स्टेशन मार्ग पर स्थित मुरलीजोत आंशिक मुहल्ले में जलभराव के चलते दुश्वारी फिर बढ़ गई। यहां से जिला अस्पताल और टीबी अस्पताल जाने वाली सड़क पर पानी भर गया है। मुहल्लेवासियों को पखवाड़े भीतर दूसरी बार गंदे पानी में घुसकर आना-जाना पड़ रहा है। यहां जल निकासी की व्यवस्था नहीं है, जिससे कीचड़युक्त पानी सड़क पर पसरा हुआ है। कूड़ा कचरा खुले में फेंके जाने से वह पानी के साथ बहकर आबादी के बीच एकत्र हो गया है।
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सुबह हुई तो पानी में डूबे थे वाहनों के पहिए
मुहल्ला- गांवगोड़िया
गांवगोड़िया मुहल्ले में जल निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश के समय जलभराव की समस्या कई दिनों तक रहती है। मुख्य चौराहे से चननी जाने वाले मार्ग पर पानी भर गया है। लोग वाहनों पर सवार हिचकोले खाते हुए पानी में चलते नजर आए। इसी मुहल्ले के दूसरे हिस्से में ओरीजोत जाने वाले मार्ग के किनारे लोग सुबह घरों से बाहर निकले तो उनकी गाड़ियों के पहिए पानी में डूबे हुए थे। यहां लोगों के दरवाजे तक पानी भरा हुआ था।
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कीचड़ में पैदल भी नहीं चल पा रहे लोग
मुहल्ला- नरहरिया
डूडा कार्यालय से होकर नरहरिया मुहल्ले तक जाने वाली इंटरलॉकिंग सड़क उखड़ गई है। कुछ दूर तक सड़क बनी ही नहीं है। बारिश होने से यहां कीचड़ हो गया है। साइकिल, मोटरसाइकिल इस मार्ग से नहीं निकल पा रही थी। पैदल ही लोग आ-जा पा रहे हैं। एक बार भारी बारिश होने पर सप्ताह भर तक इस मार्ग का आवागमन बंद रहता है। लोगों को रोडवेज या हाईवे दक्षिण दरवाजा होकर आना जाना पड़ता है।
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सरकारी कार्यालयों के परिसर में भरा रहा पानी
बारिश होने से सरकारी कार्यालयों के परिसर भी पानी से भर गए। जिला उद्योग केंद्र, कोतवाली परिसर, संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय, बीएसए भवन परिसर, विद्युत मंडल कार्यालय, जिला कृषि कार्यालय आदि के बाहर परिसर में पानी भरा रहा, जिससे अधिकारी, कर्मचारी और फरियादियों को आने जाने में कठिनाई हुई।

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सड़कों की दशा हुई दयनीय
बारिश ने शहर के प्रमुख सड़कों की दशा फिर से दयनीय कर दी है। मालवीय मार्ग पर दोपहर तक चलने लायक नहीं रहा। सड़क में स्थित गड्ढों में पानी भर गया था, जिससे इनके गहराई का अंदाजा नहीं मिल रहा था। चार पहिया वाहनों के गुजरने के दौरान बौछार के छींटे दूर तक जा रहे थे। हिचकोले खाते हुए वाहन चल रहे थे। सड़क की गिट्टियां बारिश के चलते और उखड़ गईं। इसी तरह दक्षिण दरवाजा से रेलवे स्टेशन मार्ग की भी हालत दिखी। रेलवे स्टेशन से 500 मीटर पहले इस सड़क के एक लेन पर पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया था। दूसरी लेन से ही दोनों तरफ का आवागमन हो रहा था।
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32 मिलीमीटर दर्ज हुई वर्षा
जिले में 32 मिली मीटर बारिश हुई है। 27 अगस्त तक बारिश के आसार दिख रहे हैं। यह बारिश धान व गन्ने की फसल के लिए संजीवनी है।
-डॉ. अमरनाथ मिश्र, मौसम विज्ञानी, आचार्य नरेंद्र कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या।
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